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बर्खास्त सिपाही की गिरफ्तारी को दबिश

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रामपुर। अवैध वसूली और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बर्खास्त सिपाही को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने दबिश दी। पुलिस का दावा है कि वह हाथ नहीं आया। इस बीच बर्खास्त सिपाही मोहम्मद रफी ने डीजीपी से इस पूरे मामले की विवेचना बदलकर दूसरे जिले की पुलिस से कराने की मांग रखी है। साथ ही पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
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स्वाट टीम में तैनात सिपाही दीपक कुमार ने दो दिन पहले सिविल लाइंस थाने में बर्खास्त सिपाही मोहम्मद रफी के खिलाफ अवैध वसूली करने और धमकाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप है कि बर्खास्त सिपाही ने उसकी सट्टा व स्मैक का धंधा कराने और अपराधियों से साठगांठ करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ ही आईजी व एडीजी से की थी। जांच में वह कोई सबूत नहीं दे पाया। दीपक का आरोप है कि वह ट्विटर व व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पिछले काफी समय से शिकायतें करते हुए उस पर दबाव बना रहा था। साथ ही रुपयों की भी मांग कर रहा था। आदेश के बाद सिविल लाइंस थाने में मोहम्मद रफी के खिलाफ धारा 384 व 506 के तहत मुकदमा कायम किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने रफी की गिरफ्तारी को लेकर दबिश देनी शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सुधीर सिंह ने बताया कि मामले में गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी गई है। दूसरी ओर मोहम्मद रफी ने डीजीपी से शिकायत की है। कहा कि उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने इसी आधार पर बिना वारंट के उसके घर दबिश दी साथ ही महिलाओं के साथ बदसलूकी की। साथ ही घर में घुसकर लूटपाट करने का भी आरोप लगाया है। उसने इस मामले की विवेचना दूसरे जिले की पुलिस से कराने की मांग की है।
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