रामपुर। सूबे के सबसे बड़े कारतूस कांड में आरोपियों को गिरफ्तार करने वाले एसटीएफ के तत्कालीन इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह ने बुधवार को अदालत में गवाही दी। उन्होंने अदालत में आरोपों की पुष्टि की।
29 अप्रैल 2010 को एसटीएफ ने सूबे के सबसे बड़े कारतूस कांड का खुलासा किया था। इस मामले में टीम ने रामपुर में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। कारतूस कांड के मास्टरमाइंड यशोदानंदन की डायरी के आधार पर मुरादाबाद, बरेली, प्रतापगढ़, बनारस, बिजनौर, झांसी, कानपुर और लखनऊ समेत कई जिलों में दबशि देकर सिविलियन और खाकी वालों को गिरफ्तार किया था।आरोपियों पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि कारतूसों की सप्लाई नक्सलियों तक होती थी। इस मामले में अब अदालत में गवाही चल रही है।