रामपुर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के पास बने बिजलीघर से करीब दस लाख रुपये के उपकरण चोरी होने के बाद अब वहां तैनात संविदा कर्मियों की कंपनी से वसूली होगी। इस बाबत अधीक्षण अभियंता की ओर से कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी की सरकार में लालपुर पर बिजलीघर को मंजूरी मिली थी। पांच एमवीए के इस बिजलीघर का निर्माण होने के बाद यह बिजलीघर चालू हो गया, लेकिन इस पर कोई भी कनेक्शन नहीं है। बावजूद इसके बिजली का उपभोग हुआ है। सूबे में भाजपा की सरकार आने के बाद बिजलीघर की सप्लाई बंद कर दी गई। इस मामले को लेेकर एसआईटी की ओर से जांच भी की जा रही है। वहीं, कुछ दिन पूर्व बिजलीघर की दीवार तोड़ दी गई थी, क्योंकि इसका रास्ता यूनिवर्सिटी के भीतर से था। लेकिन, इससे छह दिन पूर्व ही बिजलीघर पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। यहां लगे पांच एमवीए ट्रांसफार्मर से करीब नौ ड्रम तेल चोरी हो गया। बसवार, पट्टे, तार समेत तमाम उपकरण चोरी हो गए। यहां स्टाफ की भी तैनाती थी, लेकिन फिर भी चोरी हो गई। मामला सामने आने के बाद उपखंड अधिकारी एवं अवर अभियंता पहले तो मामले को दबाने में लगे रहे, लेकिन उच्चाधिकारियों की जानकारी के बाद हड़कंप मच गया। करीब छह दिन बाद अजीमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
अब इस मामले विभाग की ओर से संविदा कर्मियों की कंपनी से नुकसान की भरपाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अधीक्षण अभियंता की ओर से कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा। दस लाख रुपये की वसूली की जाएगी। अधीक्षण अभियंता विजय पाल सिंह ने बताया कि कंपनी से वसूली होगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी कैसे हुई?