सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में सोमवार को दो और गवाह पेश हुए। इस दौरान गवाहों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने ही सभी आरोपियों के फिंगर प्रिंट्स लिए थे। अब इस मामले की सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी। 31 दिसंबर 2007 की रात हुए सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले के मामले की इन दिनों कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
सोमवार को भी इस मामले में सुनवाई हुई। इसके लिए सीआरपीएफ आतंकी हमले में जेल में बंद सभी आरोपियों को कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपियों के फिंगर प्रिंट लेने वाले एक्सपर्ट नवल किशोर श्रीवास्तव को अभियोजन पक्ष ने गवाह के तौर पर पेश किया।
श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने अपनी टीम की मौजूदगी में ही आरोपियों के फिंगर प्रिंट्स लिए थे। नमूने लेने के बाद इनको जांच के लिए लैब भेजा गया था। इसके अलावा इस मामले के आरोपी मुंबई निवासी फईम अरशद अंसारी के फर्जी पासपोर्ट के मामले में भी एनआईए के इंसपेक्टर अजय कुमार चतुर्वेदी ने भी गवाही दी।
इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से जिरह भी की गई, जिसका गवाहों ने जवाब दिया। दोनों गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अब इस मामले की सुनवाई 30 अक्तूबर को होगी। अब तक इस मामले में 35 गवाह पेश किए जा चुके हैं। आतंकियों की पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। सुनवाई करीब चार घंटे से भी ज्यादा समय तक चली।