रामपुर। जिले के 1596 परिषदीय स्कूलों में शुरू हुई वार्षिक परीक्षाओं ने शिक्षा विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी। पहले ही दिन कई स्कूलों में अव्यवस्थाएं सामने आईं। दर्जनों विद्यालयों में पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। इससे बच्चों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
जनपद के परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत करीब 1.38 लाख विद्यार्थियों में से 1.30 लाख बच्चों ने उपस्थित होकर परीक्षा दी। परीक्षा को लेकर विभाग ने पहले से तैयारियों के दावे किए थे लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी दिखाई दीं।
जनपद के तहसील स्वार के कंपोजिट विद्यालय गमनपुरा में बच्चे परीक्षा शुरू होने से पहले टाट, पट्टी पर बैठे नजर आए, इसके अलावा कंपोजिट विद्यालय बेरखेड़ी, प्राथमिक विद्यालय ललवारा, कमोरा समेत दर्जनों स्कूलों में बच्चे नीचे बैठकर परीक्षा देते नजर आए।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को परीक्षा से पहले विद्यालयों की व्यवस्थाओं की जांच कर लेनी चाहिए थी। बच्चों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की अव्यवस्था शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों में फर्नीचर की कमी की शिकायत मिली है, वहां जल्द व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आगामी परीक्षाएं सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।
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कुछ स्कूलों में फर्नीचर की कमी होने के कारण बच्चों को नीचे बैठकर परीक्षा देना पड़ रही है। फर्नीचर के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही फर्नीचर मिलने की उम्मीद है। -अशोक कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी