रामपुर। जौहर विश्वविद्यालय के मामले में कांग्रेस और आजाद समाज पार्टी ने भी समाजवादी पार्टी के रुख का समर्थन किया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव मुईन पठान ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय शिक्षा और जनहित के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े शैक्षणिक संस्थान की स्थापना वर्षों की मेहनत, संसाधनों और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद संभव होती है। इसलिए इसके अस्तित्व को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार की ओर से विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई उचित नहीं है। प्रदेश में कई पुराने भवन ऐसे हैं, जिनका निर्माण वर्तमान विकास प्राधिकरण के नियम लागू होने से पहले हुआ था, इसलिए किसी भी निर्माण का आकलन उस समय लागू नियमों और परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए।
वहीं, स्वार में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला मीडिया प्रभारी शिवम कुमार ने जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के मामले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के संबंध में किसी भी प्रकार की कार्रवाई न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही की जानी चाहिए। उनका कहना था कि जौहर विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, इसलिए उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।