नामांकन पत्रों की जांच न होने पर प्रदर्शन करते लोग।
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सहकारी समितियों के चुनाव की प्रक्रिया अव्यवस्था, हंगामे और घपले के आरोपों के बीच चल रही है। अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन से लेकर नामांकन पत्रों की जांच तक की प्रक्रिया में कई समितियों पर घपले के आरोप के चलते हंगामे हुए। तो कई समितियों पर आरओ और एआरओ नहीं पहुंच रहे हैं।
जिस पर सत्ता पक्ष के दबाव में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की मंशा का आरोप लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं चुनाव प्रक्रिया के दौरान नामांकन से लेकर नामांकन पत्रों की जांच तक की जानकारी अधिकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। जिससे इन तमाम आरोपों को बल मिल रहा है।
जिले में इन दिनों सहकारी समितियों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें 64 पैक्स, 45 अन्य विशेष और 10 हथकरघा समितियों के लिए चुनाव होना है। जिसमें अनंतिम मतदाता सूची प्रकाशन, आपत्ति, अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन, नामांकन और नामांकन पत्रों की जांच तक कोई प्रक्रिया ऐसी नहीं हुई है, जिसमें घपले, धांधली के आरोप लगाते हुए हंगामे नहीं हुए हों।
इतना ही नहीं इन सभी प्रक्रियाओं के दौरान तमाम समितियों पर आरओ, एआरओ और एमडी तक के समिति कार्यालय न आने और कार्यालय पर ताले लटके रहे। जिसको लेकर हंगामे भी हुए। सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भी तमाम अव्यवस्थाएं हावी रहीं, जिस पर लोगों ने प्रदर्शन किया। कई समितियों पर ताले लटके रहे तो कई जगह आरओ और एआरओ गायब रहे।