रामपुर बुशहर। जिला कुल्लू के विकास खंड निरमंड की तुनन पंचायत के लोगों को दशकों के बाद भी पक्की सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सड़क की खस्ताहाल के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार सड़क को पक्का करने का काम शुरू नहीं कर रहे हैं। इस वजह से क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दो महीने से यह कार्य ठप पड़ा है। लोगों का कहना है कि कुछ ही दिनों में सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बागवानों की हजारों पेटियां सेब मंडी कैसे पहुंचेगा, इसको लेकर बागवान खासे चिंतित हैं।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से चाटी-तुनन की करीब 17 किलोमीटर सड़क का कार्य दो माह से बंद पड़ा है। इस वजह से कई वर्षों से हजारों ग्रामीण खस्ताहाल सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क की खस्ताहालत को देखते हुए परिवहन निगम ने भी उक्त रूट पर बस सेवा चलाने से इनकार कर दिया है। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क को पक्का करने के लिए द्वितीय चरण में करीब 10 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था, जबकि सड़क का कार्य 2020 में शुरू हुआ है।
आलम यह है कि दो माह से कार्य बंद है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। कार्य शुरू न होने को लेकर 16 अप्रैल को सीटू के बैनर तले क्षेत्र के लोगों ने लोक निर्माण विभाग के एससी कार्यालय का घेराव किया था और ज्ञापन सौंपा था। मगर आश्वासनों के बाद भी अभी तक सड़क का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सड़क में पूर्व में हुए कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने कई सवाल उठाए हैं।
क्षेत्र के बागवान रंजीत ठाकुर, महेश कुमार, यशपाल ठाकुर, गोपाल, चमन, हेमराज, जूना सिंह, सोहन लाल, मोहर सिंह, दलीप सिंह सहित अन्य बागवानों ने कहा कि बरसात के समय सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तबदील हो जाती है। उन्होंने सेब सीजन से पूर्व सड़क को दुरुस्त करने की मांग उठाई है। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द सड़क का कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोक निर्माण विभाग निरमंड के एक्सईएन राजेश शर्मा ने कहा कि ठेकेदार को कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।