रामपुर। शत्रु संपत्ति कब्जा कर उसे जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने के मामले में सपा नेता आजम खां पर बृहस्पतिवार को आरोप तय नहीं हो सके। 11 आरोपियों द्वारा इस मामले में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई तीन फरवरी को होगी। सपा नेता आजम खां के खिलाफ 2019 में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें शत्रु संपत्ति कब्जाने का भी मामला है, जो अजीमनगर थाने में दर्ज हुआ था। इसमें शत्रु संपत्ति को जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने का आरोप है। जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन जौहर ट्रस्ट करता है। इसके चलते पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जौहर ट्रस्ट के चेयरमैन आजम खां समेत अन्य सदस्यों को नामजद किया था।
पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में आजम खां के साथ ही उनके बड़े बेटे अदीब आजम, छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम, उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा, चमरौआ से विधायक नसीर अहमद खां, जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम, मुख्तार अहमद सिद्दीकी, निकहत अफलाक, याहूदा मान सिद्दीकी समेत 15 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। इस मामले की सुनवाई एमपीए-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट में 15 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें जौहर ट्रस्ट भी शामिल है। इस मामले में 11 आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जिस पर अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल कर दी गई। इसी वजह से सपा नेता आजम खां समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई तीन फरवरी को करेगी।
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जौहर विवि के लिए किसानों की जमीन कब्जाने में आठ को होगी सुनवाई
रामपुर। किसानों की जमीन कब्जाने के 27 मामलों में भी बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसकी वजह से इस मामले में आरोप तय नहीं हो सके। अब इस मामले की सुनवाई आठ फरवरी को होगी।
अजीमनगर थाने में वर्ष 2019 में आलियागंज के किसानों ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमें में सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा, अब्दुल्ला आजम समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए जमीनों के बैनामे बिना रुपये दिए जबरन कराए गए। साथ ही किसानों के साथ मारपीट की गई। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान कुछ आरोपियों की ओर से कोर्ट में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिस पर अभियोजन की ओर से विरोध किया गया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी के मुताबिक इस मामले की सुनवाई आठ फरवरी को होगी।