रामपुर। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एआरसी) के विरोध में रामपुर में 21 दिसंबर को हुए बवाल के मामले में दर्ज दो मुकदमों में कोतवाली और गंज थाने की पुलिस ने 110 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। कोतवाली में दर्ज मुकदमे में 52 लोगों के खिलाफ और गंज थाने में दर्ज मुकदमे में 58 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। अन्य आरोपियों के खिलाफ अभी विवेचना जारी है।
21 दिसंबर 2019 को रामपुर में एनआरसी और सीएए के विरोध में जलसे का आयोजन किया गया था। प्रशासन ने जलसे पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे। इस दौरान हाथीखाना चौराहे पर बवाल हो गया था। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया था, सरकारी वाहनों को आग लगा दी गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले चलाने पड़े थे। इस बवाल में एक युवक की मौत हो गई थी और कई पुलिस वाले घायल हो गए थे। बवाल को लेकर पुलिस ने कोतवाली और गंज थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे जिसमें 250 नामजद सहित हजारों अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कई आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिसमें कुछ जमानत पर बाहर भी आ चुके हैं।
थाना कोतवाली, रामपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-655/2019 धारा 147, 148 ,149, 307, 302, 353, 186,143,332,333,188,435,336,427,325, 395,412 भादवि और 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 7 सीएलए एक्ट में विवेचना के उपरांत साक्ष्य और सत्यता के आधार पर गठित एसआईटी द्वारा पूर्व में 23 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया गया था जबकि अब अन्य 52 आरोपियों के विरुद्ध धारा 147, 148, 149, 143, 353, 186, 188, 332, 333, 336, 435,427,325 भादवि और 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और धारा 7 सीएलए एक्ट के अंतर्गत चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया गया है। इसी तरह से थाना गंज में पंजीकृत मुकदमा संख्या- 832/2019 धारा 147, 148, 149, 307, 353,143, 186,188,336,436,427 भादवि और 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और 7 सीएलए एक्ट में विवेचना के उपरांत साक्ष्य और सत्यता के आधार पर गठित एसआईटी द्वारा पूर्व में 29 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया गया था। अब अन्य 58 आरोपियों के विरुद्ध धारा 147,148,149,143,353,186, 188,336,436,427 भादवि और 3/4 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम और धारा 7 सीएलए एक्ट के अंतर्गत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया है।