रामपुर। नुमाइश मैदान में कृषि विभाग की ओर से आयोजित जोन स्तरीय तीन दिवसीय किसान मेला सोमवार को संपन्न हो गया। इस दौरान किसानों से खेती के तौर तरीकों को बदलकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती किसानी करने का आह्वान किया। इस दौरान किसानों को सम्मानित किया गया।
नुमाइश मैदान में सोमवार को कृषि सूचना तंत्र के सुदृढीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत एग्रोक्लाइमेटिक जोन-1 भावर एवं तराई जोन स्तरीय तीन दिवसीय किसान मेले का समापन सीडीओ गुलाब चंद्र ने किया। सीडीओ ने कहा कि कृषि विभाग ऐसे विराट किसान मेलों का आयोजन कर बहुत अच्छा कार्य कर रहा है।
इससे कृषक एक जगह एकत्रित होकर कृषि वैज्ञानिकों के सुझावों को अमल में लाकर फसल के उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं। कृषकों से अपनी खेती की लागत, विधि इत्यादि का लेखा जोखा रखने, लागत कैसे कम हो इस पर चिंतन कर खेती करने, उन्नत प्रजातियों के बीजों का चयन कर बुवाई करें, जिससे कृषकों को अधिक फसलोत्पादन प्राप्त हो सके और उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
रिटायर्ड सीडीओ रामरक्ष पाल सिंह यादव ने कहा कि देश में लगभग 60-70 प्रतिशत आबादी खेती करती है और जो कार्य इतनी बड़ी संख्या में होता है वह बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आधुनिक कृषि के लिए कृषकों को जागरूक होने का आह्वान किया। उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह द्वारा किसान मेले की रूप रेखा तथा उत्तर प्रदेश को जलवायु, तापमान आदि के दृष्टिगत 09 एग्रोक्लाइमेटिक जोन में बांटा गया है।
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने कहा कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज व कीटनाशक उपलब्ध है और जनपद के बीज भंडारों पर कम अवधि में पकने वाली गेहूं की फसलों का बीज है। मेले में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मेले में संगीत कलाकारों व स्टॉलों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र संभल के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. महावीर सिंह, ज्योति स्वरूप, डॉ. पंकज कुमार एवं कृषि विज्ञान केन्द्र धमोरा के कृषि वैज्ञानिकों ने जानकारी दी। कार्यक्रम में एडीएम संदीप वर्मा, वरिष्ठ कोषाधिकारी रंजीत सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी डा. भगवत सरन समेत अन्य मौजूद रहे।