रामपुर। धान की फर्जी खरीद में लाखों के घोटाले के बाद केंद्र प्रभारी बचाव के लिए एफआईआर दर्ज कराने में जुट गए हैं। शाहबाद सहायक केंद्र प्रभारी और ठेकेदार द्वारा 4678 क्विंटल धान की फर्जी खरीद दर्शाकर 61 लाख रुपये के घोटाले के मामले में केंद्र प्रभारी विशाल चौहान ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं अब कूप के क्रय विक्रय समिति के कर्मचारी द्वारा मिलक थाने में तहरीर दी है। यहां के कर्मचारी को पीसीएफ के माध्यम से केंद्र प्रभारी बनाया गया था। इस क्रय केंद्र का ठेका भाकियू संगठन के एक नेता को दिया गया था। इस केंद्र के प्रभारी ने मिलक थाने में जो तहरीर दी है, उसमे कहा गया है कि इस केंद्र पर 1876 क्विंटल धान की फर्जी खरीद करने के बाद 41,02014 रुपये का गबन किया गया।
वहीं सैफनी स्थित क्रय-विक्रय समिति के कर्मचारी को पीसीएफ का केंद्र प्रभारी बनाया गया था। इनका आरोप है कि 1064 क्विंटल धान की फर्जी खरीद लगभग 10 किसानों से की गई थी। फर्जी धान खरीद कर 23,22,712 रुपये का गबन किया गया। केंद्र प्रभारी का आरोप है कि फर्जी खरीद करने के बाद इन लोगों ने मिल में धान नहीं पहुंचाया है। इस मामले में भी तहरीर दी गई है।
-
एक मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुलिस जांच के बाद रिकवरी करेगी। एफआरआई देरी से कराने को लेकर केंद्र प्रभारियों से जवाब तलब किया जाएगा। घोटाले में संलिप्त सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। - गणेश गुप्ता, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विभाग