रामपुर। दुष्कर्म के आरोप में घिरे अखिल भारतीय जाटव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष महेश सागर को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने जांच में उन पर लगे आरोपों को झूठा मामते हुए एफआर लगा दी। साथ ही मामले में अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। वहीं अब दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। गंज थाने में कुछ माह पहले एक महिला ने शहर के मुहल्ला छिपियान निवासी महेश सागर के खिलाफ घर बुलाकर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की तफ्तीश पहले गंज पुलिस ने शुरू की थी, लेकिन दलित नेता ने खुद को पुलिस पर झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए मामले की तफ्तीश रामपुर पुलिस के बजाए किसी दूसरे जिले की पुलिस से कराने की मांग डीआईजी के साथ ही एडीजी व मुख्यमंत्री से की थी।
बाद में डीआईजी के आदेश पर यह जांच एसपी ग्रामीण मुरादाबाद संदीप कुमार मीना ने की। पुलिस ने अपनी जांच में महेश सागर पर लगे आरोप झूठे पाए। इसके बाद एफआर कोर्ट में दाखिल की गई। कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। अब महिला के खिलाफ कार्रवाई होगी। महेश सागर ने कहा कि मुझे न्याय मिल गया। उन्होंने एसपी से मांग करते हुए कहा कि दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वालों पर एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया जाए।