बिलासपुर। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हुरमतनगर टांडा में एसडीएम के आदेश पर राजस्व टीम द्वारा कराई गई निशानदेही के बाद बनाई गई पक्की मेड़ तोड़ने और पिलर उखाड़ने के आरोप में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों पर न्यायालय के आदेश की अवमानना और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
मोहल्ला हुरमतनगर टांडा निवासी खलील अहमद ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि उन्होंने एसडीएम से जमीन की पैमाइश कराने की मांग की थी। एसडीएम न्यायालय ने दो दिसंबर 2025 को गुण-दोष के आधार पर पक्की ठियाबंदी का आदेश पारित किया। इसके बाद हल्का कानूनगो प्रेमलाल और लेखपाल रिजवान अली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कर पक्की निशानदेही कराई, जिसके बाद पक्की मेड़ बनाई गई।
आरोप है कि रात में बराबर के काश्तकार मोनू, सोनू, कालू, विक्की, शेर सिंह, विनोद, कल्लू राजा, बिहारन पत्नी गप्पल, सीता पत्नी कालू, गीता पत्नी सतपाल और पूनम पत्नी दयाराम निवासी हुरमतनगर टांडा ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा बनाई गई मेड़ तोड़ दी और निशानदेही के निशान मिटा दिए। विरोध करने पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत पर डीएम के आदेश से नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक प्रेमलाल, नसीर अहमद, लेखपाल रिजवान अली, केविंद्र सिंह और अवनीश कुमार की टीम ने दोबारा पैमाइश कर मेड़ कायम कराई। इसके बाद ट्रैक्टर से पक्की मेड़ बनाकर पिलर गाड़ दिए गए। आरोप है कि सभी आरोपियों ने दोबारा मेड़ तोड़ दी और पिलर उखाड़ दिए। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीओ हर्षिता सिंह ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी की जांच की जा रही है।