शाहबाद। 42 घंटे पहले डूबे डी-फार्मा के छात्र मोईज उर्फ मोनू (19) का शव बुधवार सुबह आठ बजे घटनास्थल से करीब 600 मीटर दूर रामगंगा में उतराता हुआ मिला। शव देखकर परिजन बिलख पड़े और घाट पर चीख-पुकार मच गई।
मोहल्ला दीवान निवासी आलेनबी का बेटा मोहम्मद मोईज उर्फ मोनू अपने फुफेरे भाई फिरोज, दिल्ली के शास्त्री पार्क से आए मेहमान कमाल, सलमान और लाला के साथ ढकुरिया गांव स्थित रामगंगा घाट पर नहाने गया था। सोमवार दोपहर करीब दो बजे नहाते समय मोईज गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पहले दिन स्थानीय गोताखोरों ने तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बुधवार सुबह खेतों पर जा रहे किसानों ने घटनास्थल से करीब 600 मीटर दूर रामगंगा पुल से आगे नदी में शव उतराता देखा। सूचना पर गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला। शव देखते ही परिजन आपा खो बैठे। पुलिस शव को सीएचसी ले गई, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया। बुधवार दोपहर शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।