रामपुर। खरीफ की फसल की कटाई के बाद रबी सीजन के फसलों की बुवाई की जाती है। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने बताया कि खाद की अधिक मांग होने के कारण कुछ उर्वरक विक्रेताओं द्वारा कालाबाजारी तथा अधिक मूल्य पर खाद की बिक्री की शिकायतें प्राप्त होती है। ऐसे विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की नियमित व सघन जांच के लिए डीएम ने कृषि, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों की जिला व तहसील स्तरीय टीम गठित की गई है।
इन टीमों के सदस्य नियमित रूप से उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के समय प्रतिष्ठानों पर उर्वरक सम्भार का पीओएस मशीन से मिलान किया जाएगा। कालाबाजारी व अधिक मूल्य पर बिक्री किए गए उर्वरक के साथ साथ कम प्रचलित उत्पादों की टैगिंग की भी जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर उर्वरक विक्रेता के विरूद्व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अधीन कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो