रामपुर। चर्चित महिला सिपाही लता हत्याकांड में मुख्य आरोपी दान सिंह को भी कोर्ट से राहत नहीं मिली। सेशन कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले इस मामले में तीन अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं।
मामला गंज थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव का है, जहां नैनीताल से लौटते समय एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की लपटों में घिर गई थी। कार में सवार श्रावस्ती में तैनात महिला सिपाही लता और उसके तीन वर्षीय बेटे लड्डू की जलकर मौत हो गई थी। शुरुआत में घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस जांच में इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला सिपाही लता की मौत किसी हादसे का परिणाम नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुई थी। जांच के बाद पुलिस ने मिलक थाना क्षेत्र के बेरहटा गांव निवासी लता के पति दान सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी के खिलाफ हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया।
तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद मुख्य आरोपी दान सिंह ने भी जमानत के लिए अदालत में आवेदन किया था। शुक्रवार को सेशन कोर्ट में इस पर सुनवाई हुई। प्रभारी डीजीसी नवनीत कश्यप ने बताया कि सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने आरोपी दान सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है।