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सपा सरकार में बोलती थी अजहर खां की तूती

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आजम खां के करीबी रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां। (पूर्व पालिका अध्यक्ष के घर पर रविवा - फोटो : RAMPUR
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रामपुर। समाजवादी पार्टी की सरकार में अजहर खां की तूती बोलती थी। उस समय वह खुद नगर पालिका के अध्यक्ष थे। अब उनकी पत्नी का नगर पालिका पर कब्जा है। आजम खां के कैबिनेट मंत्री और उनसे करीबी होने की वजह से बड़े से बड़ा अधिकारी तक उनसे नहीं बोल पाता था। रविवार को घर की कुर्की हुई तो घर का बल्ब तक नहीं बच सका।
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पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर खां ने सांसद आजम खां से नजदीकियां होने की वजह से बहुत कम समय में ही सियासत में अच्छा मुकाम हासिल कर लिया। वह कभी नगर पालिका में एक वार्ड के सभासद हुआ करते थे, लेकिन आजम खां से नजदीकियां बढ़ीं, तो उसी नगर पालिका के चेयरमैन बन गए। वह 2012 में पहली बार नगर पालिका के चेयरमैन बने थे। इसके बाद तो उन्होंने पलटकर नहीं देखा। उनके पांच साल के कार्यकाल के दौरान शहर में कई इमारतें टूटीं। नवाबी दौर में बने गेट तक तोड़ दिए गए। हालांकि, इन इमारतों का नए सिरे से निर्माण भी हुआ। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से लेकर कई नए गेट बने। इसके बाद 2017 में फिर निकायों के चुनाव हुए, जिसमें रामपुर नगर पालिका की सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई। आजम खां से करीबी होने की वजह से वह फिर से टिकट लेने में कामयाब हो गए और अपनी पत्नी फात्मा जबीं को नगर पालिका अध्यक्ष का दावेदार बना दिया। सूबे में भाजपा की सरकार बन चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी वह अकेले ही 42.47 प्रतिशत मत हासिल कर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। इससे उनका रसूख और बढ़ गया, लेकिन जब कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ तो एक के बाद एक उनके खिलाफ मुकदमे होते गए। सियासी चमक भी फीकी पड़ गई। तोड़फोड़ करने, मारपीट करने, लूट आदि समेत विभिन्न आरोपों में 16 मुकदमे दर्ज हो गए, जिसके बाद वह गिरफ्तारी के डर से फरार थे। इसी वजह से कोर्ट के आदेश पर उनके घर की कुर्की हुई।
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