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Rampur News: प्रशासन ने नहीं दी पैरोल, भाभी के जनाजे में शामिल नहीं हो सके आजम

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भाभी के निधन के बाद परिजनों ने मांगी थी पैरोल, डीएम ने दिया नियमों का हवाला
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां की भाभी का निधन हो गया। उनके आखिरी दीदार के लिए परिजनों ने आजम के साथ ही उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की चार घंटे की पैरोल मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। लिहाजा आजम अपनी भाभी के आखिरी दीदार नहीं कर सके।
सपा नेता आजम खान की 85 साल की भाभी सलमा शहनाज का सोमवार को निधन हो गया। निधन के बाद परिवार में शोक छा गया। सलमा शहनाज सपा नेता आजम खां के बड़े भाई शरीफ अहमद की पत्नी थीं। आजम खां के पैरोकार फरहत अली खान ने अधिवक्ताओं के माध्यम से डीएम को एक पत्र दिया।
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पत्र में उन्होंने जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सोमवार की दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक की पैरोल देने की मांग की, उनका कहना था कि आजम खान अपनी भाभी के आखिरी दीदार करना चाहते हैं इसलिए चार घंटे की परमिशन दी जाए। लेकिन शाम करीब चार बजे डीएम ने आजम व अब्दुल्ला को पैरोल पर छोड़े जाने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया।
इसके बाद आजम व अब्दुल्ला आजम की गैर मौजूदगी में ही आजम की भाभी की जनाजे की नमाज अदा की गई और फिर दफन किया गया। इस दौरान आजम के बड़े बेटे अदीब खां समेत अन्य सपा के नेता भी मौजूद रहे। यहां बताते चलें कि सपा नेता आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर की जेल में बंद हैं। दोनों को दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा सुनाई है। इस वक्त दोनों ही सजा काट रहे हैं।
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डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि नियमानुसार सरकार बंदी के माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री की बीमारी, शादी, मृत्यु में सम्मिलित होने का प्रावधान है। इस कारण आजम को अनुमति नहीं दी गई।
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