सेशन कोर्ट ने सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां को झटका दिया है। एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने नफरती भाषण के मामले में उन्हें कोई राहत नहीं दी है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए सपा नेता की अपील को खारिज कर दिया।
लोकसभा चुनाव के दौरान आठ अप्रैल 2019 को सपा नेता आजम खां ने शहजादनगर थाना क्षेत्र के धमोरा गांव में भाषण दिया था,जिसका वीडियो वायरल होने के बाद दस अप्रैल 2019 को एडीओ कोआपरेटिव अनिल कुमार चौहान शहजादनगर थाने में नफरती भाषण देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
उनका आरोप था कि सपा नेता ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों के खिलाफ नफरती भाषण दिया था। इस मुकदमें के आधार पर शहजादनगर पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। पुलिस ने धारा 171 जी, 505 (1) (बी) आईपीसी व 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की थी,जिसके आधार पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद 15 जुलाई 2023 को सपा नेता को दोषी करार दिया था।
ट्रायल कोर्ट में अभियोजन की ओर से मुकदमे के वादी अनिल चौहान,योगेंद्र कुमार, अमर सिंह, रवि कुमार, चंद्रपाल सिंह, परवेज कुमार चौहान, अनुराग चौधरी को गवाह के तौर पर पेश किया गया था,जबकि सपा नेता की ओर से अपने बचाव में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार, अमरजीत सिंह, फैसल अली, शमसुद्दीन, लालता प्रसाद, आजम अली, अजय सिंहल, गेंदन लाल गुप्ता, मोहम्मद हसन, इकरार हुसैन और साबिर खां को पेश किया।
सपा नेता आजम खां की अपील का फैसला सेशन कोर्ट में 30 पेज में लिखा गया है,जिसमें अभियोजन की दलील के साथ ही सपा नेता आजम खां के वकीलों के तर्क और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है। कोर्ट ने अपना फैसला 30 पेज में दिया है।
सरकार ने सपा नेता आजम खां की अपील को खारिज कराने के लिए अभियोजन की भारी भरकम फौज उतारी। इस केस के लिए अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह के साथ ही डीजीसी क्रिमिनल अमित सक्सेना, एडीजीसी अमित कुमार, कुमार सौरभ, सीमा राणा को भी लगाया गया था।
अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह लखनऊ से आकर इस मुकदमे की पैरवी कर रहे थे। आखिरकार सरकार को इस मुकदमे सफलता मिल गई। निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए सेशन कोर्ट ने आजम की अपील को खारिज कर दिया।
सपा नेता आजम खां की ओर से इस केस की पैरवी के लिए दिल्ली के अधिवक्ता समेत रामपुर के एक स्थानीय अधिवक्ता ने पैरवी की। संवाद
नफरती भाषण के मामले में अपील पर फैसला सुनाए जाने के दौरान सपा नेता आजम खां सीतापुर जेल से वीडियोकांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े। कोर्ट ने उनको इस मुकदमे की अपील का फैसला सुनाया।
सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता का कहना है कि फैसले की कापी उपलब्ध होने के बाद वह उसका अध्ययन करेंगे और हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे।
सपा नेता आजम खां को कोर्ट से राहत नहीं मिल पा रही है। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में दायर की गई अपील को सेशन कोर्ट 23 दिसंबर को खारिज कर चुका है। इस मामले में सपा नेता आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां और उनकी पत्नी तजीन फात्मा को सात-सात साल की सजा व जुर्माना अदा करने की सजा बरकरार है।
अब नफरती भाषण के मामले में भी सपा नेता को झटका मिला है। हालांकि मिलक में दर्ज नफरती भाषण के मामले में उनको सेशन कोर्ट की ओर से राहत मिल चुकी है,जिसकी अपील सरकार की ओर से हाईकोर्ट में की जा चुकी है।