सीतापुर की जेल में बंद रामपुर के सपा सांसद आजम खां अब अपनी दोनाली बंदूक बेच सकेंगे। उन्होंने जेल अधीक्षक के माध्यम से जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी दोनाली बंदूक बेचने की अनुमति मांगी थी। आजम खां के आवेदन पर विचार करने के बाद उनको यह अनुमति प्रदान कर दी गई है। अनुमति का पत्र सीतापुर के जेल अधीक्षक के माध्यम से आजम खां को भेज दिया गया है।
सांसद आजम खां के नाम पर रायफल, रिवाल्वर और दोनाली बंदूक का लाइसेंस है। दिसंबर माह में प्रशासन की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हुए उनको नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक अब कोई व्यक्ति दो से अधिक लाइसेंसी शस्त्र नहीं रख सकता है। आजम खां से अपने किसी एक शस्त्र लाइसेंस को सरेंडर करने की बात कही गई थी।
बाद में इस आदेश का पालन करने की सीमा जून 2021 तक बढ़ा दी गई है। इस बीच सीतापुर के जेल अधीक्षक के मार्फत आजम खां ने रामपुर के जिलाधिकारी को आवेदन पत्र भेजकर अपनी दोनाली बंदूक बेचने की अनुमति मांगते हुए इसी शस्त्र लाइसेंस को सरेंडर करने की मंशा जताई। रामपुर जिला प्रशासन ने आजम खां को दोनाली बंदूक बेचने की अनुमति प्रदान कर दी है।
सीतापुर के जेल अधीक्षक के माध्यम से आजम खां का आवेदन पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्होंने अपनी दोनाली बंदूक बेचने की अनुमति मांगी थी। आजम खां को यह अनुमति प्रदान कर दी गई है। उनको यह जानकारी सीतापुर के जेल अधीक्षक के माध्यम से भेज दी गई है।
-रामजी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट, रामपुर
आजम के नाम पर है रायफल, रिवाल्वर और बंदूक
रामपुर। सांसद आजम खां के पास रायफल, रिवाल्वर और दोनाली बंदूक है। उनके पास तीनों का अलग-अलग लाइसेंस है। उनकी पत्नी शहर विधायक तजीन फात्मा के पास रायफल और बेटे अब्दुल्ला आजम के पास रिवाल्वर है।
आजम के शस्त्र लाइसेंस डीएम ने कर दिए थे निलंबित, हाईकोर्ट से मिली थी राहत
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले जिलाधिकारी ने आजम खां के शस्त्र लाइसेंस निलंबित करते हुए निरस्तीकरण का नोटिस जारी कर दिया था। डीएम ने यह कार्रवाई आजम खां के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों के आधार पर पुलिस की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार की थी। हालांकि आजम खां इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे और कोर्ट ने उनके शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने का आदेश रद्द कर दिया था।
दो पूर्व विधायक कर चुके हैं लाइसेंस सरेंडर
जिला प्रशासन ने दिसंबर 2020 में सांसद आजम खां, पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, पूर्व विधायक यूसुफ अली, पूर्व विधायक बीना भारद्वाज सहित 36 लोगों को एक शस्त्र लाइसेंस सरेंडर करने का नोटिस दिया था। नोटिस प्राप्त होने के बाद यूसुफ अली और बीना भारद्वाज ने अपने बंदूक का लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। नवेद ने मियां अपना एक लाइसेंस अपने बेटे के नाम पर किए जाने का आवेदन जिलाधिकारी को दिया है।