हम आएंगे, हम आएंगे, अगर नहीं भी आ सके तो इतिहास गवाह है फिर आएंगे। अपने अंदाज में प्रदेश में नगर के विकास मंत्री आजम खां ने ये कहकर आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति का एलान भा किया। लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी नसीर खां की हार पर जनता से शिकायत का इहजार भी किया। कहा कि सियासत का फकीर चुनाव हार गया। इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
लालपुर में रोहेला बैराज के शिलान्यास पर आजम खां 2017 के विधानसभा चुनावों को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से अपनी इच्छा भी जताई। उनका इशारा था कि 2017 के चुनाव में हम फिर सत्ता में आएंगे, अगर नहीं आ सके तो अगली बार फिर आएंगे। रोलेहा बैराज जिले की दो विधानसभा क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा। ये विधानसभा क्षेत्र हैं स्वार-टांडा और चमरौवा।
स्वार-टांडा से कांग्रेस के नवेद मियां विधायक हैं और चमरौवा से बसपा के यूसुफ अली। आजम खां की योजना आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में सपा का परचम लहराने की है। उन्होंने रियासत काल मे नवाबों के जुल्म का भी जिक्र किया। बोले कि ये लोग अपनी लाशें भी यहां दफन नहीं करते हैं, शादी-ब्याह यहां नहीं करते हैं। अपनी खुशियों में हमें शरीक नहीं करते हैं।
आजम की तकरीर में भाजपा, बसपा, आरएसएस वो ओवैसी का जिक्र भी नहीं था। भारत माता की जय बोलने को लेकर चल रही बयानबाजी पर भी उन्होंने कुछ नहीं बोला। बस स्थानीय मुद्दों को उठाया। शिवपाल से जौहर यूनिवर्सिटी की हिफाजत का वचन लिया। आजम खां ने कहा कि रामपुर को सैफई की तर्ज पर विकसित कर दो। उन्होंने सैफई की रविवार को खूब तारीफ की। कहा कि सैफई दुनिया का सबसे खूबसूरत गांव है। शिवपाल यादव से कहा कि आप तो हमारा दिल रखने के लिए रामपुर की तारीफ कर देते हैं। रामपुर को सैफई जैसा बना दो बस।