गौरतलब है कि आजम खां इस मुकदमे की कार्रवाई को समाप्त कराने के लिए पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट गए थे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी है। भाजपा नेता ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं और सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद है।
वहीं आजम खां भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को अपने पक्ष में बताते हैं और कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से भले ही इंकार कर दिया है लेकिन, हमारी हाईकोर्ट के फैसले को लेकर जो अपील थी उस पर हमें राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट का वो फैसला लोअर कोर्ट पर बाध्यकारी नहीं होगा। लोअर कोर्ट स्वतंत्र रूप से अपना केस सुनेगी।
उन्होंने कहा कि हमारी ये मांग थी कि लोअर कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसी तरह का दवाब न हो। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हमें राहत देते हुए निर्देश दिए हैं कि लोअर कोर्ट स्वतंत्र रूप से इस केस को सुने। इस केस में हाईकोर्ट के फैसले की कोई बाध्यता नहीं होगी। ये हमारे लिए बड़ी राहत है।