साल 2019 में डूंगरपुर बस्ती में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कराए थे कि आजम खां के इशारे पर उनसे मारपीट, लूटपाट कर उनके मकानों को जेसीबी ध्वस्त कर दिया गया। जिसमें आजम खां, उनके मीडिया प्रभारी फसाहत अली खां शानू, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, ठेकेदार बरकत अली, जिबरान समेत कई आरोपी हैं। इस मामले में गंज थाने में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिसमें सभी मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
वहीं, दूसरी ओर साल 2019 में ही सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था। इस प्रकरण में भी 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मामलों में भी आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।