फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur News: आजम-अब्दुल्ला की अपील पर अब सात को सुनवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
दो पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में सजा काट रहे पिता-पुत्र
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे सपा नेता आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला की सात साल की सजा के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल करने को समय मांग लिया गया, जिस पर अब इस मामले की सुनवाई के लिए सात जनवरी की तारीख तय कर दी गई है।
दो पैन कार्ड मामले में एमपी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले दिनों सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा व पचास-पचास हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई है, जिस पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अभियोजन की ओर से भी इस मामले में सजा बढ़ाए जाने की मांग को लेकर अपील दायर की गई है, जिस पर सेशन कोर्ट में अभियोजन की ओर से सुनवाई की जा रही है।
विज्ञापन

मंगलवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी,लेकिन अभियोजन की ओर से वक्त मांग लिया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा के अनुसार अभियोजन की ओर से दोनों प्रार्थना पत्र पर जवाब देने के लिए वक्त मांगा है,जिस पर इस मामले की सुनवाई के लिए सात जनवरी की तारीख तय की गई है।

डूंगरपुर-यतीमखाना मामले में नहीं हो सकी सुनवाई
रामपुर। सपा नेता आजम खां के खिलाफ दर्ज डूंगरपुर प्रकरण में मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में भी अब सात जनवरी को सुनवाई होगी। वहीं दूसरी ओर यतीमखाना मामले में भी सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की सुनवाई भी सात जनवरी को होगी।
डूंगरपुर प्रकरण वर्ष 2016 का है। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी और आजम खां कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने पुलिस लाइन के पास डूंगरपुर में गरीबों के लिए आसरा आवास बनवाए थे। यहां पहले से कुछ लोगों के मकान बने हुए थे, जिन्हें सरकारी जमीन पर बताकर तोड़ दिया गया था। इन लोगों ने ही भाजपा की सरकार आने पर वर्ष 2019 में गंज कोतवाली में मुकदमे दर्ज कराए थे।
11 लोगों की ओर से दर्ज अलग-अलग मुकदमों में आरोप है कि सपा सरकार में आजम खां के इशारे पर पुलिस और सपाइयों ने बस्ती में आसरा आवास बनाने के लिए उनके घरों को जबरन खाली कराया था। उनका सामान लूट लिया और मकानों पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया था।
इन मुकदमों में पहले आजम खां नामजद नहीं थे, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने आजम खां को भी आरोपी बनाया था। इन मामलों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है।
विज्ञापन

इनमें छह मामलों में फैसला हो चुका है। पांच मामले अब भी विचाराधीन हैं। पांचों मामलों की एक साथ सुनवाई की जा रही है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की सुनवाई भी सात जनवरी को होगी। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें