रामपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर 31 जुलाई तक स्कूल बंद हैं, लेकिन इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है। ऑनलाइन क्लासेस के जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। शिक्षाधिकारियों की मानें तो बच्चों और शिक्षकों की की सुरक्षा की वजह से ही यह निर्णय किया गया है। ऐसे में महामारी को हराने के लिए सभी की जिम्मेदारी है कि वे सरकार के आदेशों का पालन करें।
देश के अन्य हिस्सों की तरह ही रामपुर में भी कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कोरोना संक्रमितों की ठीक होने की तादाद अधिक है। लिहाजा, स्कूल, कालेज, फीस, फीस माफी, खुलने को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार ने अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 जुलाई तक स्कूलों को न खोलने का निर्णय लिया है, जिसमें बच्चों की ही सुरक्षा को महत्व दिया गया है। हालांकि, रामपुर में अब तक छह जुलाई से सभी माध्यमिक एवं वित्तविहीन स्कूल खुल जाएंगे, लेकिन कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन ही होगा। बच्चे स्कूल नहीं आएंगे। सिर्फ शिक्षकों को स्कूल आना होगा, जिसमें उन्हें प्रवेश प्रक्रिया समेत अन्य कार्य पूरे कराने होंगे। यूपी बोर्ड के बच्चों को स्कूलों की ओर से ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है, लेकिन समस्या उन बच्चों के समक्ष आ रही है, जिनके पास एंड्रायड फोन नहीं हैं या तकनीकी समस्याएं आ रही हों। ऐसे बच्चों की दिक्कत को दूर करने के लिए सरकार की ओर से दूरदर्शन पर विषयवार कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है जबकि, सीबीएसई स्कूलों की ओर से तो पहले ही जिले में बेहतर तरीके से स्कूल संचालित हो रहे हैं। फीस और फीस माफी के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे स्तर पर स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि कोई भी स्कूल अपनी स्कूल फीस में इजाफा नहीं करेगा। इसके अलावा अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव नहीं बनाएगा। फीस आगामी माह की फीस में समायोजित की जाएगी, जिससे अभिभावकों के ऊपर कोई अतिरिक्त भार न पड़े। स्कूल खोलने को लेकर कहा कि आगे जैसे भी सरकार के निर्देश होंगे, वैसे ही अनुपालन कराया जाएगा। लेकिन, बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।