शाहबाद। समाज कल्याण विभाग की ओर से ब्लॉक कार्यालय परिसर से सटकर बनीं 37 दुकानों में से कुछ दुकानों को बेचने का मामला सामने आया है। पता चला है कि इन दुकानों में से करीब चार-पांच सरकारी दुकानों को आवंटियों ने बेच दिया है। जबकि कई दुकानें किराये पर चल रही हैं। वहीं, कई दुकानों के ऊपर मकान भी बना लिए गए हैं।
सोमवार को डीएम जोगिंदर सिंह से इन दुकानों की शिकायत की गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने जांच के निर्देश दिए थे। बुधवार शाम इन दुकानों की जांच करने के लिए समाज कल्याण विकास अधिकारी प्रज्ञा वाजपेयी और तहसीलदार राकेश कुमार चंद्र पहुंचे।
जांच में लगा कि इन 37 दुकानों में करीब चार से पांच दुकानों को आवंटियों ने मोटी रकम लेकर बेच दिया है। वहीं, अधिकतर आवंटियों ने इन दुकानों को किराये पर दे रखा है।
इतना ही नहीं, जांच के दौरान इन दुकानों का स्वरूप परिवर्तन कर इनके ऊपर मकान बना लिए है। इन दुकानों की जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जाएगी।
दुकानों को बेचा गया है या फिर बैनामा हुआ है, उसके प्रमाण तलाश रहे हैं। यदि ऐसा पाया गया, तो कार्रवाई होगी और सरकार इन दुकानों को अपने कब्जे में लेगी। कुछ दुकानों का स्वरूप बदला गया है, कुछ किराये पर चल रही हैं। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
-राकेश कुमार चंद्र, तहसीलदार