रामपुर। नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मियों और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के बीच तीन दिन बाद समझौता हो गया। समझौते के बाद सफाई कर्मियों ने अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी।
सफाई कर्मी अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। तीन दिन से सफाई कर्मी धरने पर बैठे थे। वार्ता के लिए ईओ की ओर से आमंत्रित किया गया था, लेकिन दो दिन तक ईओ नहीं पहुंचे। इसके बाद बृहस्पतिवार को ईओ और सफाई कर्मियों के बीच वार्ता हुई।
बैठक में तय किया गया कि संघ को एक माह के भीतर कार्यालय आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही नियमानुसार और शासनादेश के तहत ठेके पर अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को लगाए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
पालिका प्रशासन ने कहा कि वार्डों में मानक के अनुसार सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति वित्तीय स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय से कराने के लिए उनकी उपस्थिति समय पर प्रमाणित कर प्राथमिकता के आधार पर वेतन जारी कराया जाएगा।
बैठक में सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारियों के देयों के भुगतान पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि शासन द्वारा राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से निर्देशों के अनुरूप भुगतान कराया जाएगा। इसके अलावा वार्डों में सफाई नायकों की नियुक्ति और वरिष्ठ सफाई कर्मियों की तैनाती नियमों के अनुसार करने पर सहमति बनी।
पालिका द्वारा खरीदी गई ई-रिक्शा और रिक्शा ट्रॉली की गुणवत्ता के संबंध में कंपनी को पत्र भेजकर जांच कराने का भी निर्णय लिया गया। सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रेमराज के मुताबिक आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के वेतन में 436 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है।
यह बढ़ा हुआ वेतन जून से मिलेगा और एक माह का एरियर भी वेतन के साथ दिया जाएगा। बैठक में दिनेश कठेरिया, बाबू लाल कौशल, संजय समर्पित, ईओ दुर्गेश्वर त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।