रामपुर व बरेली जिले के किसानों को सिंचाई में मिलेगा लाभ, शासन से मिली मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बैगुल नदी पर 99.76 करोड़ रुपये की लागत से पक्के बांध का निर्माण किया जाएगा। सरकार ने परियोजना को मंजूरी दे दी है। बांध बनने से रामपुर के साथ-साथ बरेली जिले के किसानों को भी सिंचाई का लाभ मिलेगा। किसान पिछले करीब दस वर्षों से बांध निर्माण के लिए प्रयासरत थे।
पूर्व विधायक जयदीप सिंह बरार ने इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में किसान कल्याण समिति का गठन किया गया, जिसने बांध निर्माण की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन किए और शासन-प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि बरेली जिले के खमरिया गांव में बैगुल नदी पर अंग्रेजी शासनकाल में वर्ष 1905 में पक्का बांध बनाया गया था, जो 1925 की भीषण बाढ़ में बह गया। इसके बाद 1946 तक अंग्रेजों द्वारा कच्चा बांध बनाया जाता रहा। वर्ष 1947 से 1989 तक प्रदेश सरकार हर साल कच्चा बांध बनवाती रही, लेकिन इसके बाद यह कार्य बंद हो गया, जिससे किसानों को सिंचाई में परेशानी होने लगी।
वर्ष 2016 में किसान कल्याण समिति का गठन कर रामपुर और बरेली दोनों जिलों के किसानों को जोड़ा गया और पक्के बांध की मांग तेज की गई। इस दौरान हर साल कारसेवा के माध्यम से कच्चा बांध बनाया गया, जिससे फसलों की सिंचाई संभव हो सकी।
धरना-प्रदर्शन के बाद बरेली के डीएम और कमिश्नर ने बांध स्थल का निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेजी। सिंचाई विभाग बरेली के अधिशासी अभियंता सर्वेश चंद्र सिन्हा के अनुसार विभाग ने 17 दिसंबर से पहले बांध निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे निदेशालय से मंजूरी मिल गई है। शासन ने बांध निर्माण के लिए 99.76 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
बांध बनने से होगा यह लाभ
खमरिया की बैगुल नदी पर पक्का बांध बनने से रामपुर जिले की बिलासपुर तहसील के रसूलपुर, पिपलिया, विजयनगर, नरसुआ, गोंटिया, औरंग नगर, खेड़ा, कनकपुर, गोटिया समेत 15 गांव लाभान्वित होंगे। बरेली जिले की तहसील मीरगंज और बहेड़ी के गांव मोहम्मदपुर, ढकिया ठाकुरान, मनकरा, कनकपुरी, शाहपुरा, पीपला, सराय, बल्ली, तिगड़ी आदि गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। दोनों जिलों के करीब डेढ़ सौ गांवों की हजारों एकड़ जमीन की सिंचाई आसानी से हो सकेगी।
किसान 2016 से हर साल कच्चा बांध बनाते हैं। बीच में दो बार बांध बनने के बाद ही पानी का दबाव अधिक होने की वजह से टूट गया था। बाद में किसानों ने दोबारा बनाया। इस तरह इस बार 13वीं बार कच्चा बांध बनाया जा रहा है, जो अब अंतिम बार बन रहा है। पक्का बांध बननेे के बाद मेरा हरियाली युक्त क्षेत्र व खुशहाल किसान का सपना साकार हो जाएगा। -जयदीप सिंह बरार, पूर्व विधायक
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क्या कहते हैं किसान
पक्का बांध बनने से किसानों को फसलों की सिंचाई करनी आसान हो जाएगी और फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा। -नेमचंद मौर्य, ग्राम नरसुआ
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सरकार ने बैगुल नदी पर पक्का बांध बनाने की सौगात देकर रामपुर और बरेली जिले के किसानों के घरों में खुशहाली भेजी है। अब सभी किसानों की आमदनी बढ़ेगी। -भैरो प्रसाद मौर्य, ग्राम पिपलिया विजयनगर
पक्का बांध बनाने का जो बीड़ा उठाया गया था, वह अब पूरा हो गया है। पक्का बांध बनने से अब सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा और हर किसान खुशहाल होगा। -अजीज हसन खां, ग्राम रसूलपुर
बैगुल नदी पर कच्चा बांध बनाने में जो परेशानी होती थी, उससे छुटकारा मिल जाएगा और पूरे क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा। फसलों का उत्पादन बढ़ेगा। -हरीश कुमार मौर्य, पिपलिया विजयनगर