रामपुर। श्रम विभाग में गड़बड़ी का एक और खुलासा हुआ है। विभाग ने दो गांवों पर खूब मेहरबानी दिखाई। दो गांवों को 124 साइकिलें दे दीं। यह मामला भी सीडीओ के पास पहुंच गया है। सीडीओ ने सहायक श्रमायुक्त से सारा रिकार्ड तलब किया है।
श्रम विभाग की ओर से निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चर्लाइं जा रही हैं। इसके लिए श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है। पंजीकरण से लेकर योजनाओं में धांधली बरती जा रही है। इस साल अब तक 979 साइकिलों का वितरण किया जा चुका है। साइकिल वितरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। भाकियू ने धांधली का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आरोप है कि श्रम विभाग में दलालों का दखल है। साइकिल वितरण में फर्जीवाड़ा किया गया है। पुलिस ने कुछ दिन पहले खुद को श्रम विभाग का कर्मचारी बताने वाले दलाल को पकड़ा था। उसके पास से अधिकारियों और ठेकेदारों की फर्जी मुहरें और पैड भी बरामद की थीं। पुलिस ने तीन दिन हिरासत में रखने के बाद उसे छोड़ दिया।
धांधली का मामला जब सीडीओ के पास पहुंचा तो उन्हें एएलसी को ही जांच सौंप दी। सीडीओ के पास शुक्रवार को दूसरा मामला भी पहुंचा। उन्हें बताया गया कि चमरौवा ब्लाक के सिकरौल गांव को 82 और बहपुरी गांव को 42 साइकिलें दे दी गईं। आरोप है कि दोनों गांवों के दो लोग श्रम विभाग में दलाली करते हैं। उन्होंने बाकायदा कचहरी के निकट होटल में अपना आफिस भी खोल लिया है। होटल पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी साइकिलें दिलाई हैं। सीडीओ को बताया कि दोनों गांवों में साइकिल देते वक्त लाभार्थियों से 500-500 रुपये वसूले गए हैं। सीडीओ अमित किशोर ने बताया कि वह इस मामले की जांच खुद करेंगे। इसके लिए एएलसी से रिकार्ड तलब किया गया है।