रामपुर। कोरोना संक्रमण का ग्रहण सी सर्टिफिकेट के लिए परीक्षा देने वाले एनसीसी कैडेट्स पर भी लग गया। संक्रमण के कारण इस बार एनसीसी के शिविरों का आयोजन नहीं हो सका। कैडेट्स के अनुसार सिर्फ एक ही शिविर लगा और ऑनलाइन पढ़ाई में अधिकतर बातें समझ में नहीं आईं। शायद यही वजह है कि जिले में एनसीसी सी सर्टिफिकेट परीक्षा के लिए शामिल हुए 36 कैडेट्स में 34 कैडेट्स फेल हो गए। जो अब चार जुलाई को मुरादाबाद में सुधार परीक्षा में शामिल होंगे। एनसीसी के सी सर्टिफिकेट परीक्षा का परिणाम पहली बार ऐसा आया है, जिसमें 94 फीसदी कैडेट्स फेल हो गए हों।
राजकीय रजा डिग्री कॉलेज में इस वर्ष एनसीसी सी सर्टिफिकेट के लिए 36 कैडेट्स ने परीक्षा दी थी। परीक्षा फरवरी माह में आईएफटीएम कॉलेज मुरादाबाद में हुई थी। इसका परिणाम घोषित हुआ तो नतीजे चौंकाने वाले आए। परीक्षा में शामिल हुए 36 कैडेट्स में से 34 फेल हो गए थे। पहली बार इतने बड़े स्तर पर कैडेट्स फेल हुए हैं। कैडेट्स ने परीक्षा में फेल होने का कारण कोरोना संक्रमण बताया है।
राजकीय रजा डिग्री कॉलेज में ही है सी सर्टिफिकेट का पाठ्यक्रम
जिले भर में एनसीसी का कोर्स तीन महाविद्यालयों और एक राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में संचालित होता है। इसमें सिर्फ राजकीय रजा डिग्री कॉलेज में तृतीय वर्ष यानी सी सर्टिफिकेट का पाठ्यक्रम है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, महाराजा पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज सरकथल और दीक्षित कॉलेज में केवल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में 50, महाराजा पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज और दीक्षित कॉलेज में 55- 55 सीटें हैं। इन दोनों कॉलेजों में एनसीसी की पढ़ाई पहली बार हो रही है। प्रथम वर्ष में एनसीसी की कोई परीक्षा नहीं होती है।
राजकीय रजा डिग्री कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स की 105 सीट हैं। जिसमें सी सर्टिफिकेट के लिए 36 सीट हैं। जबकि बी सर्टिफिकेट के लिए 35 और प्रथम वर्ष के कक्षा में 34 कैडेट्स हैं। बी सर्टिफिकेट परीक्षा में कोई भी कैडेट अनुत्तीर्ण नहीं हुआ। जबकि सी सर्टिफिकेट परीक्षा में 34 कैडेट्स अनुत्तीर्ण हो गए।
कोरोना संक्रमण के कारण कैडेट्स तैयारी नहीं कर पाए। यह सबसे प्रमुख वजह रही है, परीक्षा परिणाम के निराशाजनक होने की। फेल हुए कैडेट्स को एक और मौका सुधार परीक्षा के माध्यम से दिया जा रहा है। सुधार परीक्षा चार जुलाई को मुरादाबाद में होगी।
- लेफ्टिनेंट प्रवेश कुमार, प्रभारी- एनसीसी विभाग राजकीय रजा डिग्री कॉलेज
क्या बोले कैडेट्स
कोरोना के चलते न तो शिविर लग पाए और न ही पढ़ाई हुई। पूरे सीजन में मात्र एक ही शिविर लग पाया। परीक्षा की तैयारी न होने से पूरी बटालियन में करीब 94 फीसदी कैडेट्स फेल हो गए हैं।
- सजल सक्सेना, एनसीसी कैडेट
कोरोना संक्रमण के चलते बार-बार लॉकडाउन लगने से शिविर नहीं लग पाए। महाविद्यालय में भी पढ़ाई नहीं हुई। ऑनलाइन पढ़ाई से कुछ लाभ नहीं हुआ। इसी कारण परीक्षा परिणाम निराशाजनक रहा।
- हर्षित रस्तोगी, एनसीसी कैडेट
कोरोना संक्रमण के कारण पढ़ाई ढंग से नहीं हो पाई। ऑनलाइन पढ़ाई का कोई खास लाभ नहीं हुआ। अब चार जुलाई को एक मौका और मिल रहा है, इसमें जरूर सभी कैडेट्स सफल होंगे।
- सिद्धार्थ कुमार, एनसीसी कैडेट