रामपुर। आठ से 22 मार्च तक जनपद में किशोरियों में एनीमिया की समस्या के समाधान के लिए पोषण पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस बाबत प्रभारी जिलाधिकारी आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की।
प्रभारी जिलाधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा पोषण के महत्व को जन आंदोलन के रूप में वृृहद रूप प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आठ मार्च को सभी एएनएम सब सेंटरों पर किशोरियों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे तथा उनके खून की जांच, वजन, खान पान संबंधी जागरूकता, एनीमिया से बचाव के तरीके तथा आयरन की गोलियों का वितरण सहित विभिन्न गतिविधियां सम्पन्न कराई जाएंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पोषण पखवाड़े के दौरान प्रति दिन आयोजित होने वाली गतिविधियों के बारे में शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी किए जा चुके है, जिसमें आठ मार्च को किशोरी दिवस, नौ मार्च को सैम, मैम बच्चों का चिन्हाकंन, दस मार्च को जन जागरूकता हेतु साइकिल रैली, 11 मार्च को विद्यालयों में सुपोषण गोष्ठी, 12 मार्च को एसएचजी बैठकें, 13 मार्च को वीरागंना दल द्वारा प्रभात फेरी, 14 मार्च को रेसिपी प्रदर्शन, 15 मार्च को ममता दिवस, 16 मार्च को कुपोषित बच्चों का चिन्हाकंन, 17 मार्च को पोषण दौड़, 18 मार्च को स्थानीय रेसिपी प्रदर्शन, 19 मार्च को वीरागंना दल की बैठक, 20 मार्च को अन्न प्रासन दिवस, 21 मार्च को पोषण रैली तथा 22 मार्च को ग्राम पंचायत एवं मातृृत्व समिति की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि तिथिवार विभिन्न गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य यह है कि पोषण के प्रति लोगों में जागरूकता आए तथा कुपोषण से लड़ने के लिए शासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कुपोषण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।