रामपुर। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ से जुड़े शिक्षामित्र गांधी समाधि पर एकत्र हुए। इसके बाद शिक्षामित्रों ने पिछले साल समायोजन रद्दद होने के बाद जिन शिक्षामित्रों का निधन हुआ है उन्हें मोमबत्ती जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि इस एक साल में 708 शिक्षामित्रों की मौत हो चुकी है। कहा कि 18 साल से प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षामित्र छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखने के लिए नियुक्त किए गए थे। उस समय महज 2200 रुपये मानदेय दिया जाता था। जो बाद में बढ़ाकर साढ़े तीन हजार कर दिया गया था। इसके बाद शिक्षक पद पर समायोजित किया गया लेकिन, 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन रद्द कर दिया। कहा कि मौजूदा सरकार की वादा खिलाफी से शिक्षामित्र अवसादग्रस्त हैं। इस दौरान राजपाल सिंह मौर्य, गुरप्रीत सिंह, प्रेम सिंह, बलवीर यादव, अमरनाथ, रमेश सैनी, नितिन शर्मा, अवधेश मिश्र, देवेंद्र सिंह, जागन सिंह, शमशाद, प्रेमवाला, रमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।