रामपुर। अखिल भारतीय तुर्क महासभा की ओर से भारत के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी एवं शेर ए मैसूर टीपू सुल्तान की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अकीदत के फूल पेश किए गए। देश और प्रदेश में अमन, चैन और खुशहाली की भी दुआ मांगी गई। अंत में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने एवं उन पर शासन करने वाले टीपू सुल्तान के नाम पर रामपुर का नाम टीपू सुल्तान नगर रखे जाने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पत्र लिखकर गुलामी की निशानी वाले रामपुर का नाम बदलकर टीपू सुल्तान नगर रखे जाने की मांग की गई।
कचहरी रोड स्थित कैंप कार्यालय पर हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के पुत्र मुस्तफा हुसैन एडवोकेट ने कहा कि समाज के युवाओं को शेर ए मैसूर टीपू सुल्तान के जीवन से प्रेरणा लेते हुए देश हित में कार्य करने चाहिए। टीपू सुल्तान हमारे समाज और कुटुम्ब के वंशज थे। हमारे समाज के लाखों लोग मुरादाबाद मंडल में निवास करते हैं, जिसमें रामपुर जनपद में भी लाखों लोगों की जनसंख्या रहती है। यही कारण है कि रामपुर जनपद में जिले के राजनैतिक पदों पर भी हमारे समाज के लोग ही आसीन रहे हैं, जिन्होने समाज के उत्थान के लिए बहुत कार्य किया। इसलिए, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से हमारा अनुरोध है कि रामपुर जो गुलामी की निशानी है को हटाया जाए और रामपुर का नाम बदलकर टीपू सुल्तान नगर रखा जाए क्योकि, हिंदुस्तान के इतिहास में टीपू सुल्तान का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उन्होंने हिंदू मंदिरों को भी अपने शासनकाल में बहुत तोहफे पेश किए, जो कि इतिहास में दर्ज हैं। कार्यक्रम में मौलाना मोहब्बे अली ने दुआ कराई। इस अवसर पर नसीम अहमद, जाहिद अली सेठ, हाजी लियाकत अली, हाजी अरशद हुसैन, डॉ. करामत अली बब्बू, अकबर अली, हाजी खालिद रजा, सुभान अली एडवोकेट, इस्तियाक अली, आफताब अहमद, मेहताब अली, कादिर रजा एडवोकेट, सदाकत अली, मोहम्मद फैयाज, अदनान हुसैन, मोहम्मद अनस पाशा, शाजेब पाशा, हाफिज नदीम अहमद, रईस अहमद, तसलीम अहमद, अय्यूब अली, शादाब पाशा आदि लोग उपस्थित रहे।