रामपुर में करीब दस करोड़ की लागत से बस अड्डे का निर्माण करवाया गया। लेकिन यहां पर पानी की निकासी व्यवस्था नहीं की गई। बस अड्डा ऐसी जगह बनाया गया है, जहां बरसात के दौरान आसपास के क्षेत्रों से भारी मात्रा में मिट्टी बहकर आ रही है। इससे बस अड्डे में बरसात में अक्सर कीचड़ जमा रहता है। इस कारण बस अड्डे पर हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। बस चालकों और परिचालकों को भी मुश्किल होती है। अगर बस अड्डे की निकासी व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो इसे नुकसान हो सकता है।
रामपुर बस अड्डे के निर्माण के लिए सतलुज जल विद्युत निगम ने वित्तीय मदद दी है। करोड़ों रुपये की लागत से बस अड्डे का निर्माण तो कर दिया पर यहां पर जल निकासी के लिए कुछ नहीं किया। बस अड्ड परिसर में दुकानदारों को भी मुश्किल हो रही है। यह मामला कई बार बस अड्डा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष उठाया गया पर उन्होंने भी सुध लेना उचित नहीं समझा। कुछ माह पहले रामपुर के एसडीएम ने भी बस अड्डे का जायजा लिया था। इसके बाद बस अड्डे में सफाई व्यवस्था और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज दिन तक बस अड्डे में जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई। बरसात के मौसम में बस अड्डे की हालत खस्ता हो रही है।अ नीता शर्मा, राकेश, उमेश और जितेंद्र ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द बस स्टैंड की हालत सुधारी जाए।
एचआरटीसी की कार्यशाला में भी जा रहा पानी
रचोली क्षेत्र और एनएच-5 का पानी बह कर रामपुर बस अड्डे पर जमा होता है। रामपुर बस अड्डे के अलावा एचआरटीसी की कार्यशाला में भी पानी घुस रहा। ऐसे में कार्यशाला में कर्मचारियों को बसों की मरम्मत करना मुश्किल हो जाता है।
जल्द खुलेगा टेंडर : रघुवीर
एचआरटीसी के मुख्य महाप्रबंधक रघुवीर चौधरी ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी के लिए टेंडर लगाया गया है। इसे जल्द खोला जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर इस काम को पूरा किया जाएगा।