रामपुर। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों और जिलों में फंसे प्रवासी मजदूर रामपुर आ गए हैं। सुबह तक 16 बसों में 303 लोग आ चुके थे, जिसके बाद सभी लोगों को उनके घरों में क्वारंटीन कर दिया गया। साथ ही अफसरों ने मजदूरों से परिवार और अन्य जानकारियां लीं। एक फार्म भी भरवाया।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। ऐसे में जो जहां है, वह वहां ही फंसा हुआ है। लिहाजा, प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे ऐसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए लाना शुरू कर दिया, जिनका क्वारंटीन का समय पूरा हो गया है। इसी के तहत रविवार को मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान समेत के विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से मजदूूरों को लाया गया। रामपुर के 303 मजदूरों को लाया गया है। 16 बसों से ये मजदूर आए हैं, जिनमें अधिकांश मजदूर रात को ही आ गए थे। 11 मजदूरों से भरी एक बस दिन में आई थी। इन मजदूरों को शाहबाद, मिलक, बिलासपुर, स्वार, टांडा समेत सभी तहसील में अपने-अपने घर को भेज दिया गया है। हालांकि, उनसे पूरे परिवार का विवरण और अन्य जानकारियां ली हैं। नोडल अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि सभी मजदूरों को उनके घरों में क्वारंटीन कर दिया गया है।