परिषदीय स्कूल न तो समय से खुल रहे हैं और न ही बंद हो रहे हैं। इसकी
शिकायत शिक्षा अधिकारियों से की गई थी। खंड शिक्षाधिकारी ने ग्रामीणों की
शिकायत पर क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान तीन स्कूल बंद मिले, जिस पर
बीएसए ने तीनों स्कूलों के हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया।
साथ ही स्कूलों
के 11 शिक्षकों का वेतन काटने की संस्तुति की है। परिषदीय स्कूल के
शिक्षकों की लापरवाही लगातार बढ़ रही है। वे अपनी मर्जी से स्कूल चला रहे
हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड शिक्षाधिकारी सद्दीक अहमद ने स्वार
क्षेत्र के शहपुरा गांव के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय पर छापा
मारा।
बीईओ ने प्राथमिक विद्यालय मंडवा सुबह 9.30 बजे तक नहीं खुला था।
यहां पर बच्चे मस्साब का इंतजार कर रहे थे। यही स्थिति प्राथमिक विद्यालय
सहपुरा और जूनियर हाईस्कूल सहपुरा की थी। तीनों स्कूलों में ताले बंद मिले
और बच्चे मास्साब का इंतजार करते हुए मिले। खंड शिक्षाधिकारी ने मामले की
रिपोर्ट बीएसए को भेज दी।
बीएसए ने संस्तुति के आधार प्राथमिक विद्यालय
मंडवा के इंचार्ज हेडमास्टर सुबहान अली को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही
स्कूल के सिराज खां, राकेश कुमार, पूरन सिंह, शकी अहमद व योगेंद्र कुमार का
वेतन काटने के आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय शहपुरा के
हेडमास्टर चंदन सिंह को भी सस्पेंड किया गया।
इस स्कूल के बाबू सिंह, ऊषा
देवी, सुखवीर, मुकेश कुमार का वेतन काट दिया गया। इसके अलावा जूनियर
हाईस्कूल शहपुरा के हेडमास्टर सुनील मिश्रा को भी सस्पेंड कर दिया गया। इस
स्कूल के जयप्रकाश और सुमित कुमार का वेतन रोव्क दिया। इस तरह तीन
हेडमास्टर सस्पेंड किए गए हैं, जबकि 11 शिक्षकों का वेतन काट दिया गया है।
बीएसए एसके तिवारी ने बताया कि लापरवाही व अनुशासनहीनता बरतने वाले
शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से खलबली मच गई है।