रामपुर। गुड फ्राइडे पर शहर के सभी गिरजाघरों में प्रभु यीशु को याद कर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्रूस पर चढ़ाते समय प्रभु यीशु द्वारा कहे गए सात कलमे भी पढ़कर सुनाए गए। प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के गम में उपवास रखकर प्रभु को याद किया गया। साथ ही क्रूस यात्रा भी निकाली गई।
सिविल लाइंस स्थित मैथोडिस्ट क्राइस्ट चर्च में पादरी महबूब मसीह ने गुड फ्राइडे पर विशेष प्रार्थना की। समाज के लोगों को प्रभु यीशु के जीवन से जुड़े संदेश बताए। क्रूस पर चढ़ाते समय यीशू मसीह द्वारा कहे गए सात वचनों में डेनियल मसीह ने पहला, पादरी महबूब मसीह ने दूसरा, ए एस डेनिस ने तीसरा, सेमुअल चरन ने चौथा, सीएम मसीह ने पांचावा, बी ग्रीफिन ने छठा और एसएम लाल ने सातवां वचन पढ़कर सुनाया। विशेष प्रार्थना सभा में फादर महबूब मसीह ने प्रभु यीशु के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद अनुयायियों ने क्रूर राजा और पुरोहितों द्वारा प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाए जाने के का वृतांत सुनाया। इस दौरान एनोज लाल, एलई ग्रीफिन, लाल मसीह, सेमुअल मसीह, एबी दयाल, डा. अनिल जैन, बेंजीमन, मीनाक्षी आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व गुरुवार शाम तक तमाम ईसाई समाज के लोगों ने उपवास रखे जो कि पिछले चालीस दिन से चल रहे थे।
इसके साथ ही नगर में सिविल लाइंस क्षेत्र में क्रूस यात्रा भी निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल रहे। प्रेयिस हिल्स बीएमआई वर्सिप सेंटर में गुड फ्राइडे आराधना की गई। इस अवसर पर उड़ीसा से आए पास्टर थियोडर राइका ने बताया कि परमेश्वर पवित्र है। मनुष्य पाप में गिरने के कारण पापी हो गया, इस पाप को दूर करने के लिए परमेश्वर ने अपने इकलौते पुत्र प्रभु यीशु को जगत में भेजा ताकि जो कोई उस पर विश्वास करें वे नाश न हो और अनंत जीवन पाएं। इसके बाद पहला क्षमा वचन पास्टर राजन बी लाल, दूसरा वचन पास्टर अनिल सक्सेना, तीसरा वचन शशि आर लाल, चौथा वचन रवि मसीह, पांचवा वचन आकश मसीह, छठा वचन संजीव मसीह और सातवां वचन लक्की ने पढ़कर सुनाया। इस अवसर पर अजय, विजय, प्रियंका, विपिन, रजनी, सोनाली, पास्टर रंजीत, साइमन, सचिन आदि मौजूद रहे। इसके साथ ही गुड फ्राइडे पर नगर स्थित द साल्वेशन आर्मी चर्च में पास्टर मेजर इमानुएल, असेंबली ऑफ बिलीवर्स चर्च में पास्टर अनिल शेरिंग, असेंबली ऑफ गॉड चर्च में पास्टर मोहन दास, यूथ विद द मिशन चर्च में पास्टर सेजुअल ने विशेष प्रार्थना की और इस दौरान सात वचन भी सुनाए गए।