रामपुर बुशहर।
रामपुर शहर में आपराधिक गतिविधियों और शरारती तत्वों पर नकेल कसने के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे जवाब दे गए हैं। एक वर्ष पूर्व खराब हुए इन कैमरों को ठीक करवाने के लिए नगर परिषद और प्रशासन गंभीर नहीं है। मामला उठाने के बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। यदि शहर में कोई आपराधिक घटना होती है तो अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने एक वर्ष पूर्व उपमंडलाधिकारी और नगर परिषद को लिखित पत्र भेज कर इन कैमरों को ठीक करने की बात कही थी। लेकिन नगर परिषद और प्रशासन कुछ नहीं कर रहे।
रामपुर नगर परिषद ने शहर के गांधी पार्क से लेकर कन्या स्कूल तक विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। सुरक्षा की दृष्टि से ये कैमरे काफी फायदेमंद भी साबित हो रहे थे। पुलिस थाना रामपुर में इन कैमरों से शहर की गतिविधियों पर बराबर नजर रखी जा रही थी। बीते वर्ष इन कैमरों ने वीडियो भेजना बंद कर दिया था। इस बारे में पुलिस प्रशासन ने नगर परिषद और एसडीएम को शिकायत पत्र भेजा था। कैमरे लगाने से शहरी क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं का अच्छा खासा ग्राफ गिर गया था। बीते दिनों रामपुर में एक ऑटो चालक द्वारा छात्रा को अगवा करने का मामला पेश आया था। यदि इन सीसीटीवी कैमरों की हालत ठीक होती तो ऑटो चालक को पकड़ा जा सकता था। पुलिस आज दिन तक ऑटो चालक को नहीं पकड़ सकी। ऐसे में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उधर, थाना प्रभारी रामपुर संजीव कुमार ने बताया कि खराब कैमरों को लेकर कई बार प्रशासन और नगर परिषद को सूचित किया गया है। लेकिन बीते एक वर्ष से इनकी हालत सुधारने को लेकर कोई पहल नहीं हो पा रही।
बंदर तोड़ रहे तारें : दीपक
नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक सूद ने बताया कि कई बार इन कैमरों को ठीक किया गया। लेकिन उत्पाती बंदर कैमरों की तारों को तोड़ रहे हैं। तारों की दूरी कम कर कैमरों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।