म्यांमार में हिन्दू मुसलमान का नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल
रामपुर। मदरसा जामे उल उलूम फुरकानिया के मुफ्ती महबूब अली ने कहा कि म्यांमार में हिन्दू मुसलमान का नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर 17 सितंबर को ईदगाह मैदान में जलसा ए आम होगा, जिसमें इसके बाद संयुक्त राष्ट्रसंघ, राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। उन्होंने 17 सितंबर को जिले के सभी मदरसों से बंद रखने की अपील की। इस मौके पर मौलाना अंसार, सैय्यद शुऐब मियां, आसिफ अली खां, सैय्यद मजहरूल हक रिजवी, मुकर्रम रजा खां, मौलवी फैजान खां आदि मौजूद रहे। उधर, मौलाना मोहम्मद साहब कादरी के 62वें उर्स में भी म्यांमार में मुसलमानों के कत्लेआम पर रोष जताया गया। मुरादाबाद से आए मुफ्ती मुस्तजाब हुसैन कदीरी ने कहा कि म्यांमार में मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है। वहां की हुकुमत ये न समझे कि भारत का मुसलमान खामोश बैठेगा। इस मौके पर अबुल हसन मियां, मुराद हसन मियां, हकीम सगीर नूरी, हारुन मियां, अबरार मियां, अफजाल मियां आदि मौजूद रहे। ऑल इंडिया जमियतुल कुरैश यूथ विंग के जिलाध्यक्ष तारिक कुरैशी ने 16 सितंबर को होने वाली आवाज ए हक कांफ्रेंस को सफल बनाने की अपील की।