रामपुर। पंचायत चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में फंसे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने उनको जमानत पर रिहा कर दिया।
2015 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने समर्थकों के साथ जिला पंचायत से लेकर गांधी समाधि तक जुलूस निकाला। जुलूस निकालने पर सिविल लाइंस पुलिस ने उनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट की ओर से उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। वारंट के आधार पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से बुधवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। कोर्ट में उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी,जिस पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का विरोध किया गया,जबकि बचाव पक्ष की ओर से भी अपना तर्क दिया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाफिज अब्दुल सलाम की जमानत याचिका मंजूर कर ली। सलाम के साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे। सलाम को जमानत मिलने के बाद समर्थकों ने राहत की सांस ली।