रामपुर। उपचुनाव नजदीक है, ऐसे में परिवहन विभाग की चुनौतियां भी बढ़ गईं हैं। चुनाव से पहले 101 निजी वाहन और 38 रोडवेज बसों को अधिग्रहण करने के लिए विभाग प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के बीच कई जगह एआरटीओ की टीम को उपेक्षा का सामना करना पड़ा। अभी तक करीब 35 वाहनों का अधिग्रहण कर लिया गया है। वहीं वाहनों के लिए एक रेट भी नियत है, जिसके तहत वाहन स्वामियों को उनका मेहनताना भी चुनाव बाद दिया जाएगा।
परिवहन विभाग को वाहनों के अधिग्रहण में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह वाहनों के अधिग्रहण के दौरान लोगों से तीखी नोकझोंक भी हो रही है। वहीं संबंधित विभागों से अधिकारियों के लिए अलग वाहनों की व्यवस्था करने के लिए भी कोशिशें चल रही हैं। चुनाव के लिए 101 निजी वाहनों के साथ 38 रोडवेज की बसों का अधिग्रहण भी किया जाना है। ऐसे में अभी महज 22 वाहनों का शहर से अधिग्रहण हो सका है। अन्य वाहनों के अधिग्रहण के लिए टीम लगातार जद्दोजहद करने में लगी है। एआरटीओ रंजीत सिंह ने बताया कि गाड़ियों को अधिग्रहण कार्य अभी चल रहा है। समय सीमा के अंदर फोर्स के लिए वाहन उपलब्ध कराए जा रहे है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अधिकारियों के लिए भी गाड़ियों की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके लिए कोशिशें जारी है।