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नहीं बंद किए मौत के गड्ढे

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रामपुर। पालिका की चेतावनी का भी निजी कंपनियों पर कोई असर नहीं हुआ। चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए सड़कों के गड्ढों को नहीं भरा गया है,इससे लोगों की मुश्किल बढ़ी हुई है। पालिका और प्रशासन को मौत के गड्ढों से हादसे का इंतजार है।
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अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए निजी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कंपनियां बिजली और टेलीफोन की केबल डालने के लिए अंडरग्राउंड केबिल डाल रही हैं। अंडरग्राउंड केबल डालने के लिए सड़कों के किनारे गड्ढे खोदककर केबल डाले जा रहे हैं। केबल डलने के बाद नियमानुसार मरम्मत की जिम्मेदारी केबल डालने वाली कंपनियों की होती है,लेकिन यह कंपनियां अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रही हैं। कंपनियों की ओर से खोदे गए गड्ढों को नहीं भरा गया है,जिसके बाद हादसों का खतरा लगातार बढ़ा है। यह खतरा उस वक्त जब बढ़ रहा है जब शहर में बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति हो जाती है। ऐसे में गड्ढा नहीं दिखता और लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों जब इस मुद्दे को उठाया गया तो पालिका की नींद टूटी। पालिका ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर चेतावनी जारी कर दी और गड्ढे भरने के निर्देश भी जारी कर दिए,लेकिन पालिका की चेतावनी का इन कंपनियो पर कोई असर नहीं हुआ। लिहाजा मौत के गड्ढे अभी भी खुले हुए हैं। चाहे जेल रोड का मामला हो या फिर राजद्वारा और या फिर शौकत अली व जौहर अली रोड का। इतना ही नहीं शाहबाद रोड, आगापुर रोड पर भी मौत के गड्ढे बराबर से खुदे हुए हैं। कुछ गड्ढे पाटने के नाम पर खानापूरी कर दी गई। लिहाजा लोगों की परेशानी बढ़ गई। पालिका प्रशासन की सुस्ती के चलते भी इन कंपनियों के ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासन को यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
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-जगह-जगह खोदे गए गड्ढों को भरने के लिए पालिका की ओर से कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था। इस पर कार्रवाई कराई जा रही है। यदि कहीं भी गड्ढों को नहीं भरा जाएगा तो पालिका दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगी।- डा.राजेश कुमार कार्यवाहक ईओ, नगर पालिका परिषद, रामपुर
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