रिकांगपिओ अस्पताल में निरीक्षण करते जिप अध्यक्ष शांता कुमार नेगी।
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। देश में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। मगर जनजातीय जिला किन्नौर के सबसे बडे़ जिला अस्पताल रिकांगपिओ में एक साल पहले सरकार से मिले 11 वेंटिलेटर शोपीस बनकर रह गए हैं। अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर नहीं होने से वेंटिलेटर आज तक चालू नहीं हो पाए हैं। इससे आपात परिस्थिति में मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला परिषद सदस्य शांता कुमार नेगी ने क्षेत्रीय अस्पताल का बुधवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. सोनम नेगी से मुलाकात कर अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। नेगी ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र के लिए आए वेंटिलेटर अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में अगर कोई मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचता है, तो उसे वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री से गुहार लगाई कि रामपुर के महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर को कोविड अस्पताल बनाया जाए। जिले में अभी तक 28651 कोरोना सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें 1422 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। अभी तक जिले में संक्रमण से 16 लोगों की मौत हो गई है, जबकि जिले में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 21 हो गई है।
सीएमओ किन्नौर डॉ. सोनम नेगी ने बताया कि धर्मशाला से एनेस्थीसिया डॉक्टर का रिकांगपिओ के लिए तबादला किया गया है। डॉक्टर ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है। डॉक्टर की तैनाती होते ही वेंटिलेटर चालू कर दिए जाएंगे।