समाजवादी पार्टी (सपा) ने गोंडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का अपहरण और उनके साथ मारपीट करने के आरोपी मंत्री विनोद सिंह का बचाव करते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें मीडिया के दबाव में हटाया गया था।
सपा महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा कि विनोद सिंह के खिलाफ मीडिया ने ऐसा माहौल बनाया कि उन्हें हटाना पड़ा। यह पार्टी की गलती थी। मालूम हो कि विनोद सिंह को पिछले अक्तूबर में मंत्री पद से हटाया गया था।
यादव ने कहा कि दागियों को मंत्री नहीं बनाया गया है बल्कि मीडिया ने उन्हें दागी बनाया है। उन्होंने नसीहत दी कि मीडिया को न्यायाधीश की भूमिका अदा नहीं करनी चाहिए।
यादव ने उल्टा सवाल दागा कि यदि किसी पर तीन चार मुकदमे दर्ज हो जाते हैं या आरोप लग जाता है तो क्या वह दागी हो जाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया को आरोपी और दागी का फर्क जानना चाहिए। यादव आजमगढ़ एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।
ज्ञात हो कि मंत्रिपरिषद के विस्तार में विनोद सिंह को फिर से राज्य मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनका बचाव करते हुए कहा था कि जांच में वह निर्दोष पाए गए हैं। लिहाजा उन्हें मंत्री बनाया गया है।
यादव ने 2014 के चुनाव में अपनी पार्टी के परचम लहराने का दावा करते हुए कहा की कम से कम साठ सीटें जीत कर समाजवादी पार्टी केंद्र की सरकार बनाने में मुख्य भूमिका निभाएगी।
इलाहाबाद में चल रहे महाकुंभ में लगे धर्म संसद में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाने जाने की संतो की घोषणा पर यादव का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा की वहां कोई संत ही नहीं था। कौन सी धर्म संसद, किस बात की संसद, कोई संत उसमें नहीं था।