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आरुषि केसः नूपुर और राजेश को जेल में मिला नया काम

Thu, 28 Nov 2013 10:29 AM IST
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
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डेढ़ हजार रुपये प्रति मरीज फीस लेने वाले तलवार दंपति डासना जेल में 1200 रुपये प्रतिमाह मेहनताने पर काम करेंगे।
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आरुषि-हेमराज मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा पाए राजेश और नूपुर तलवार को उनकी योग्यता के अनुसार जेल प्रशासन ने अलग-अलग काम सौंप दिया है।

राजेश जेल अस्पताल में मरीजों की दांतों का चेकअप करेंगे वहीं नूपुर को महिला बंदियों और उनके बच्चों को पढ़ाएंगी।

डासना जेल अधीक्षक डा. वीरेशराज शर्मा ने बताया कि आरुषि-हेमराज मर्डर केस में राजेश तलवार और नूपुर तलवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसी के चलते बुधवार को दोनों सजायाफ्ता बंदियों को जेल में कार्य निर्धारित कर दिया गया है।

जेल अस्पताल के डेंटल क्लीनिक में राजेश को अन्य चिकित्सकों के साथ जेल बंदियों के दांतों का इलाज करने की जिम्मेदारी और नूपुर को महिला बंदियों को पढ़ाने का का काम सौंपा गया है। बृहस्पतिवार से दोनों अपना-अपना काम शुरू कर देंगे।
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40 रुपये रोज मेहनताना
जेल अधीक्षक डा. वीरेशराज शर्मा ने बताया कि राजेश और नूपुर को इस नौकरी के बदले 40-40 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मेहनताना दिया जाएगा। मेहनताना मासिक रूप में दिया जाएगा, जोकि करीब 1200 रुपये प्रतिमाह होगा।

शनिवार को मिल सकेंगे तलवार दंपति
राजेश और नूपुर के बैरक 11 और 13 के बीच भले ही एक नंबर की दूरी हो, मगर एक दूसरे को वह देख भी नहीं पाएंगे। सप्ताह में सिर्फ एक बार मिलने का मौका उन्हें मिलेगा। डासना जेल में राजेश तलवार को जहां 11 नंबर बैरक में रखा गया है। वहीं नूपुर को 13 नंबर महिला बैरक में रखा गया है।

दोनों सप्ताह में सिर्फ एक बार ही मात्र 40 मिनट के लिए एक-दूसरे से मिल पाएंगे। जेल मेनुअल के अनुसार इसके लिए शनिवार का दिन निर्धारित है। जेल में बंद पति-पत्नी की मिलाई प्रत्येक शनिवार को जेल के अंदर ही पार्क में कराए जाने का प्राविधान है। शनिवार के अलावा अन्य किसी भी दिन राजेश और नूपुर आपस में नहीं मिल पाएंगे।

फिलहाल सेंट्रल जेल नहीं जाएंगे तलवार दंपति
नियमानुसार सजायाफ्ता जेल बंदियों को सेंट्रल जेल आगरा शिफ्ट कर दिया जाता है, मगर विगत 3 वर्षों से यहां से किसी भी बंदी को आगरा सेंट्रल जेल शिफ्ट नहीं किया जा सका है।

जेल अधीक्षक का कहना है कि सेंट्रल जेल में बंदियों की अत्यधिक संख्या होने के कारण हेडक्वार्टर ने फिलहाल बंदियों को वहां शिफ्ट करने पर रोक लगा रखी है। ऐसे में नूपुर और राजेश फिलहाल डासना जेल में ही रहेंगे।
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रात भर इंग्लिश उपन्यास पढ़ते रहे तलवार दंपति
तलवार दंपति ने जेल में दूसरी रात भी जागकर ही काटी। दोनों ने ही अपनी-अपनी बैरक में रात इंग्लिश उपन्यास पढ़ते-पढ़ते काटी।

राजेश ने नेल गेमैन का उपन्यास ‘द ओशियन एट द एंड ऑफ लेन’ पढ़ा। नूपुर ने रुटा स्पेडीज का ‘बिटवीन द शेड्स ऑफ ग्रे’ और गायले फोरमैन का ‘जस्ट वन डे’ पढ़कर रात गुजारी।

जेल प्रशासन के अनुसार बुधवार सुबह दोनों सामान्य नजर आ रहे थे। दोनों ने पहले चाय पी। इसके बाद गुड़ और दलिये का नाश्ता किया।

दोपहर और शाम को मिलने वाला भोजन भी किया। सुबह दोनों सजायाफ्ता बंदियों को कैदियों वाली ड्रेस भी दे दी गई।
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