रायबरेली में बाइक ले जाने की जिद पर युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। चाचा-चाची और घरवालों ने ही वारदात को अंजाम दिया। पीटने के करीब एक घंटे तक वह खेत में पड़ा रहा और पानी पिला दो... पानी पिला दो...कहकर मदद के लिए पुकारता रहा। पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
यूपी के रायबरेली में खीरों क्षेत्र के एकौनी गांव निवासी शिवबाबू (24) की शुक्रवार रात लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। चाचा, चाची समेत परिवार के अन्य लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। शिवबाबू का कसूर सिर्फ इतना था कि वह चाचा की बाइक ले जाने की जिद पर अड़ा था। इसी को लेकर विवाद बढ़ा और रात में यह घटना हो गई। विवाद में चाचा को भी चोट आई है।
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एएसपी आलोक सिंह, सीओ लालगंज सुजीत कुमार राय ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। जांच में कुल्हाड़ी से भी हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामले में मृतक युवक के पिता की तहरीर पर चाचा, चाची, चचेरे भाई समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बाइक ले जाने की जिद पर अड़ा था
बताया गया कि शिवबाबू पुत्र चंद्रलाल मजदूरी करता था। शुक्रवार दोपहर वह अपने चाचा चंद्रपाल की बाइक लेकर कहीं जाने लगा था। इस पर चाचा ने स्वयं कहीं जाने की बात कहकर बाइक ले जाने से मना कर दिया। लेकिन, वह बाइक ले जाने की जिद पर अड़ा था। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद हुआ। चाचा समेत अन्य लोगों ने शिवबाबू की पिटाई कर दी। इससे वह घायल हो गया। सूचना पर यूपी-112 पुलिस पहुंची और समझाकर मामला शांत करा दिया।
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हाथ-पैर की कई हड्डियां टूट गई थीं
परिजनों के अनुसार, इसके बाद भी दोनों पक्षों में देर शाम तक कहासुनी होती रही। रात में चंद्रपाल गांव से बाहर अमित सिंह के खेत में बटाई पर ली गई सब्जी की फसल की रखवाली करने चले गए। रात करीब 12 बजे शिवबाबू भी वहां पहुंचा। इसी दौरान विवाद होने लगा। विवाद की सूचना मिलने पर परिवार के कई लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां शिवबाबू को बेरहमी से पीटा गया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी और हाथ-पैर की कई हड्डियां टूट गईं। इससे उसकी मौत हो गई।
विवाद में चंद्रपाल भी घायल हो गए। परिजन चंद्रपाल को सीएचसी लालगंज ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। खीरों थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि चंद्रलाल की तहरीर पर चाचा चंद्रपाल, चाची सविता, चचेरे भाई अमृतलाल उर्फ मन्नू और अन्य अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कार्रवाई होगी।
बर्बरतापूर्वक शिवबाबू को मारा गया
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर घास साफ हो गई थी। जाहिर है कि शिवबाबू आरोपियों से काफी देर तक भिड़ता रहा। बावजूद इसके हमलावर उसे पीटते रहे। पैरों की हड्डियां टूटी थी। सिर के अलावा हाथों में गंभीर चोट के निशान थे। शरीर पर चोटों को देखकर वारदात में कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बर्बरतापूर्वक शिवबाबू को मारा गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें शिवबाबू की पिटाई उसका बड़ा भाई भी करते हुए दिख रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
रात के सन्नाटे में गूंजती रही पानी पिला दो... की आवाज
घटनास्थल के आसपास बने मचान पर रह रहे लोगों के अनुसार, चंद्रपाल को जब लोग बाइक से लेकर वहां से चले गए। उसके करीब एक घंटे तक शिवबाबू खेत में पड़ा रहा और पानी पिला दो... पानी पिला दो...कहकर मदद के लिए पुकारता रहा। लोगों का कहना है कि डर के कारण कोई उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
ग्रामीणों के मुताबिक, यदि उसी समय शिवबाबू को अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। परिजनों के मुताबिक, मारपीट के बाद शिवबाबू के बड़े भाई रामबाबू, चाची सविता और चचेरे भाई अमृतलाल उर्फ मन्नू घायल चंद्रपाल को लेकर घर पहुंचे। बताया कि शिवबाबू मारपीट के बाद कहीं भाग गया है। शिवबाबू के पिता चंद्रलाल भी आरोपी चाचा चंद्रपाल के साथ अस्पताल चले गए। सुबह करीब 7:30 बजे रिश्तेदारों से उन्हें बेटे की हत्या की जानकारी मिली तो वह अस्पताल से गांव लौटे और बिलख पड़े।
मृतक शिवबाबू की मां फूलमती ने बताया कि शुक्रवार दिन में बाइक को लेकर बेटे की चाचा व अन्य परिजनों से मारपीट हुई थी। उस समय पुलिस भी गांव आई थी। रात करीब 12 बजे बेटा नित्यक्रिया के लिए जाने की बात कहकर घर से निकला था। बाद में जब घायल चंद्रपाल को घर लाया गया तो बताया गया कि शिवबाबू लड़ाई करके कहीं चला गया है। रात में उसे किसी ने घटना की जानकारी नहीं दी।
सुबह गांव वालों से बेटे की मौत का पता चला। शिवबाबू तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई का नाम रामबाबू और छोटे भाई का नाम सुमित है। उसकी तीन बहनें रोली, रूबी और पूजा हैं। तीनों बहनों और दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है। शिवबाबू अविवाहित था। रक्षाबंधन पर्व के दिन भाई की हत्या से बहनें गमगीन हैं। कहती हैं कि यह सब कैसे हो गया। सब कुछ ठीकठाक था। भाई को राखी भी बांधी थी। जवान बेटे की मौत से मां फूलमती समेत पूरे परिवार में कोहराम मचा है।