रायबरेली। डिग्री कॉलेजों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दिलाने में डिग्री कॉलेजों के संचालकों ने ऑनलाइन आवेदनों में गलत सूचना देकर 15 से अधिक छात्र-छात्राओं को अधिक भुगतान शासन से दिलवा दिया।
पिछले साल भुगतान के बाद शासन स्तर हुए ऑडिट में मनमानी पकड़ में आई। जिले के नौ महाविद्यालयों ने छात्र-छात्राओं को 3.90 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का अधिक भुगतान करा दिया।
मामला पकड़ में आने के बाद समाज कल्याण विभाग वसूली की प्रक्रिया में जुट गया है। संबंधित महाविद्यालयों को नोटिस देकर धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
हर साल ऑनलाइन आवेदन जमा कराने के बाद डिग्री कॉलेजों को शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए आवेदनों को कंप्लीट कराकर फारवर्ड करना होता है, जिसके बाद विभाग की ओर से सीधे छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाता है।
छात्र-छात्राओं को जो धनराशि मिलनी थी, उससे अधिक का भुगतान कराए जाने का मामला पकड़ में आया है। नौ महाविद्यालयों ने गलत सूचना देकर छात्र-छात्राओं को 3.90 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का अधिक भुगतान कराया है।
समाज कल्याण विभाग में शासन स्तर पर हुई ऑडिट में यह मनमानी पकड़ में आई। शासन ने मामले में संबंधित छात्र-छात्राओं से डिग्री कॉलेजों के माध्यम से वसूली कराने के आदेश दिए हैं।
चूंकि शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति का भुगतान कराने के लिए ऑनलाइन आवेदनों को फारवर्ड करने की पूरी जिम्मेदारी डिग्री कॉलेजों की ही होती है, इसलिए अधिक भुगतान होने के मामले में डिग्री कॉलेज ही जिम्मेदार हैं, इसलिए सभी नौ डिग्री कॉलेजों को समाज कल्याण अधिकारी ने नोटिस जारी करके धनराशि जमा करने के आदेश दिए हैं।
इन डिग्री कॉलेजों को धनराशि जमा करने के आदेश
राज नारायण मिश्रा डिग्री कॉलेज धूता 1,18,124
कर्मयोगी डिग्री कॉलेज मलिहाबाद 56,020
राजकली देवी महाविद्यालय लहेंगा छतोह 13,000
कर्मयोगी डिग्री कॉलेज ऑफ हायर एजूकेशन 5700
कंचन पॉलीटेक्निक मनेहरू 29,610
महावीर सिंह डिग्री कॉलेज 13,800
राना बेनी माधव वीरा पासी महाविद्यालय 67,420
बाबू भीष्म सिंह इंस्टीट्यूट गोझरी 56,300
रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी महाविद्यालय अटौरा 20,700
कुल 3,90,674
ऑडिट में 3,90,674 रुपये का मामला पकड़ में आया है। शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति दिलाने में लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण अधिक भुगतान करवाया गया है। वसूली के लिए महाविद्यालयों को नोटिस दिया गया है।- सुनीता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी