रायबरेली। सीएए के खिलाफ गुरुवार को भी महिलाएं न सिर्फ धरने पर बैठी रही, बल्कि मार्ग जाम करके गुस्से का इजहार किया। इससे आवागमन ठप हो गया। सभी ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की मांग उठाई। पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो उनके साथ तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने किसी तरह महिलाओं को सड़क से हटाकर बाहर तो किया, लेकिन वह धरने पर बैठी रहीं।
तेलियाकोट मोहल्ला स्थित टाऊन हाल में बुधवार को सीएए के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रात में पुलिस-प्रशासन ने महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो सीएए को वापस लेने की मांग पर अडिग रही। सदर कोतवाली के अलावा भदोखर, जगतपुर, हरचंदपुर थाने की पुलिस के अलावा एएसपी नित्यानंद राय, सिटी मजिस्ट्रेट योगराज सिंह मौजूद रहे।
रात में पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रातभर महिलाएं टाउन हाल में धरने पर बैठी रही। गुरुवार सुबह महिलाएं धरने पर बैठकर प्रदर्शन करती रही। दोपहर बाद महिलाएं कहारों का अड्डा के पास सड़क मार्ग जाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं सीएए वापस करो, इंकलाब जिंदाबाद के नारे बुलंद कर रही थीं।
किसी तरह पुलिस ने जाम हटवाकर महिलाओं को बाहर किया, लेकिन वह प्रदर्शन करती रही। महिलाओं ने पुलिस पर ज्यादती करने का आरोप भी लगाया। सीओ सलोन विनीत सिंह गुरुवार शाम टाउनहाल पहुंचे और प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बात की। सीओ ने कहा कि यह मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट का फैसला आने तक आप लोग धरना प्रदर्शन खत्म करें।
इसके बाद फैसला पक्ष में न आए तो फिर धरना-प्रदर्शन करना। इस पर अर्चना श्रीवास्तव ने धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कही। इस पर कुछ महिलाएं घरों को लौट गई, लेकिन अभी कुछ महिलाएं नहीं मानी और धरना प्रदर्शन कर रही हैं। उनका कहना था कि सीएए वापस लिया जाए। महिलाओं के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर कई थानों की फोर्स तैनात है।
टाउन हाल में सीएए के खिलाफ चल रहे महिलाओं के धरना प्रदर्शन में सबका हौसला बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष व भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी 24 जनवरी को आएंगी। वे महिलाओं से मिलकर उनकी पीड़ा सुनेंगी। उधर, भाकपा (माले) के जिला प्रभारी अफरोज आलम ने धरना दे रही महिलाओं का पुलिसिया उत्पीड़न और धरनास्थल पर लोगों को जाने से रोकने का आरोप लगाते हुए निंदा की है।