बछरावां (रायबरेली)। पांच दिन पूर्व हुई मारपीट में घायल महिला की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने महिला का शव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। मृतका के परिजनों ने पुलिस पर मामूली धाराओं में केस दर्ज करने का आरोप लगाया। करीब दो घंटे तक चला जाम पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा। बाद में सीओ महराजगंज ने सख्त कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया।
रामबक्शखेड़ा मजरे सरायं उमर गांव निवासी प्रेम कुमारी (58) पत्नी हुबलाल का 13 मई को अपनी बहू सविता पत्नी शीतला प्रसाद से आम तोड़ने को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान सविता का भाई दीपू, जो अघौरा गांव से बहन के ससुराल आया था, मौके पर मौजूद था। आरोप है कि सविता और दीपू ने प्रेम कुमारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था, जहां शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। वहीं कोतवाल पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि मृतका की बेटी शीतला देवी की तहरीर पर सविता और दीपू के खिलाफ पूर्व में मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। महिला की मृत्यु के बाद अब इसमें नई धाराएं जोड़ी जा रही हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शव आते ही फूटा आक्रोश
दोपहर एक बजे जैसे ही प्रेम कुमारी का शव गांव पहुंचा, परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। शव को बांदा-बहराइच राजमार्ग पर रखकर लोगों ने हाईवे जाम कर दिया। जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। माैके पहुंचे सीओ के आश्वासन के बाद परिजन माने और करीब दो घंटे बाद हाईवे की जाम खत्म हुआ।
सीओ ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
सूचना पर पहुंचे सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार ने परिजनों से बात की और मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि अब मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हुए और शाम तीन बजे के करीब जाम हटाया गया।